मध्यप्रदेश में रेलवे का नेटवर्क और सुविधाएँ 2026 में एक बड़े बदलाव
मध्यप्रदेश में रेलवे का नेटवर्क और सुविधाएँ 2026 में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही हैं। हालिया अपडेट्स के अनुसार, राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास और नई ट्रेनों के संचालन पर भारी निवेश किया जा रहा है।
यहाँ प्रमुख रेलवे सुविधाओं और परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति दी गई है:
1. नई ट्रेन सेवाएँ – ऐ सी और बगैर ऐ सी
वंदे भारत एक्सप्रेस: मध्य प्रदेश में अब कई रूटों पर वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
रानी कमलापति भोपाल- हज़रत निज़ामुद्दीनदिल्ली
रानी कमलापति – रीवा
इंदौर – नागपुर
खजुराहो – हज़रत निज़ामुद्दीन
खजुराहो – बनारस नवंबर 2025 से शुरू
अमृत भारत एक्सप्रेस: साधारण और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए राज्य में नई ‘अमृत भारत’ ट्रेनें भी संचालित की जा रही हैं, जो पूरी तरह से गैर-एसी आधुनिक सुविधाओं वाली ट्रेनें हैं।
2. महत्वपूर्ण रेल लाइन परियोजनाएं
इंदौर-मनमाड़ रेल लाइन: ₹18,500 करोड़ की इस परियोजना से इंदौर और उज्जैन को सीधा फायदा मिलेगा, जिससे महाराष्ट्र की ओर कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
जबलपुर-गोंदिया गेज परिवर्तन: 285 किमी लंबी इस लाइन का काम पूरा होने से अब जबलपुर से महाराष्ट्र, कोलकाता और चेन्नई के लिए सीधी और उच्च क्षमता वाली ट्रेनें उपलब्ध हैं।
इंदौर-बुधनी और रामगंज मंडी-भोपाल: इन नई रेल लाइनों पर काम तेज़ी से चल रहा है ताकि कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा सके।
इटारसी-नागपुर तीसरी लाइन: रेल मार्ग पर भीड़ कम करने के लिए इटारसी और नागपुर के बीच तीसरी लाइन बिछाने का कार्य प्रगति पर है।
3. अमृत भारत स्टेशन योजना (स्टेशनों का आधुनिकीकरण)
राज्य के कई प्रमुख स्टेशनों को ‘विश्व स्तरीय’ मानकों के अनुसार पुनर्विकसित किया जा रहा है। इसमें शामिल सुविधाएँ हैं:
एयरपोर्ट जैसे वेटिंग लाउंज और आधुनिक लाइटिंग।
दिव्यांगजनों के लिए विशेष रैंप और सुविधाएँ।
स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई और बेहतर सूचना प्रणाली।
4. बुनियादी ढांचा और सुरक्षा
शत-प्रतिशत विद्युतीकरण: मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश का लगभग पूरा ब्रॉड गेज नेटवर्क विद्युतीकृत हो चुका है, जिससे ट्रेनों की गति और दक्षता बढ़ी है।
कवच सिस्टम: सुरक्षा बढ़ाने के लिए नई ट्रेनों और मुख्य रूटों पर ‘कवच’ स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली को तैनात किया जा रहा है।
ट्रैक अपग्रेड: अब राज्य के कई प्रमुख रूटों पर रेल पटरियों को 110-160 किमी प्रति घंटे की गति के लिए सक्षम बनाया गया है।

