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धर्म

आताताई रावण को मारकर राम ने क़ी धर्म क़ी स्थापना

Shabdmail News
Last updated: April 4, 2026 2:37 pm
Shabdmail News
Published: April 4, 2026
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विवेक कुमार संवाददाता शब्द मेंल समाचार ककवन कानपुर नगर

कानपुर: नवादा गौसगंज में चल रही श्री राम कथा की विराम दिवस पर बड़ी दिव्यता के साथ में वशिष्ठ राजगुरु ने तिलक लगाकर की राम का राजतिलक किया
अंजनी धाम नवादा में चल रही श्री राम कथा की प्रख्यात राम कथा प्रवक्ता आलोक जी पांडे द्वारा निरंतर राम जी की कथा को श्रवण पन करते हुए कहा गए पृथ्वी पर जब पाप की अधिकता हो जाया करती है तब पाप को समाप्त करने के लिए धर्म की स्थापना के लिए समाज को बुराइयों सेबचाने के लिए परमात्मा स्वयं अवतार लेकर की समाज से बुराइयों को समाप्त कर धर्म की स्थापना करते हैं समुद्र में पुल बन जाने के बाद रामेश्वरम की स्थापना की गई इसके बाद लंका पर राम जी की सेवा द्वारा युद्ध की घोषणा के बाद दोनों से जबरदस्ती युद्ध हुआ विभीषण द्वारा बहुत समझाने पर भी जब विपरीत समय आता है तो सलाह भी बेकार लगती है नाराज होकर रावण ने अपने भाई विभीषण को लात मार कर राज्यसभा से बाहर निष्कासित कर दिया विभीषण भी भगवान राम की शरण में पहुंच गए राम और रावण का भीषण युद्ध हुआ लेकिन रावण का संघार नहीं हुआ विभीषण द्वारा उपाय बताया गया की रावण की नाभि में अमृत है राम जी ने फिर रावण का अंत की कर दिया और लौटकर पुष्पक विमान से अपने साथियों सहित अवधपुरी आए इधर भारत की भी नंदीग्राम में राम जी को याद कर रहे हैं भारत राम मिलन के बाद वशिष्ठ जी ने राजतिलक की तैयारी की और पहले तिलक वशिष्ठ जी द्वारा किया गया उपस्थित जन समूह ने पुष्पों की वर्षा की पुजारी मानवेंद्र जी ने आए हुए समस्त सहयोगियों एवं श्रोता बंधुवो का आभार व्यक्त किया.
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे अध्यापक दीपक जी दीपक सचिन सुधाकर सत्यम आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे

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भारत में धार्मिक पर्वों का विशेष महत्व माना जाता है और इन्हीं प्रमुख पर्वों में से एक है गंगा दशहरा
दुनिया का एक ऐसा मंदिर जो एक ही रात में बनाया
मां कंकाली की रहस्यमई मूर्ति जो स्वयं बदलती अपना स्वरूप
अपना इतिहास बयां करता सोमनाथ मंदिर। हिन्दू धर्म का स्वाभिमान है
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