गुवाहाटी: असम में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है।
सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच मुकाबला इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रहा है।
🔥 BJP का फोकस: विकास और राष्ट्रवाद
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा के नेतृत्व में BJP सरकार विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून व्यवस्था को मुख्य मुद्दा बना रही है।
सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में असम में तेजी से सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार हुआ है।
⚔️ कांग्रेस का पलटवार
वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस बेरोजगारी, महंगाई और नागरिकता कानून जैसे मुद्दों को लेकर सरकार पर लगातार हमलावर है।
कांग्रेस राज्य में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने के लिए नए गठबंधन की रणनीति पर काम कर रही है।
🧭 CAA-NRC बना बड़ा चुनावी मुद्दा
असम में Citizenship Amendment Act (CAA) और NRC का मुद्दा फिर से गरमा गया है।
स्थानीय लोगों की पहचान और बाहरी नागरिकों की एंट्री को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
🤝 बदलते गठबंधन समीकरण
BJP के साथ असम गण परिषद (AGP) और अन्य सहयोगी दल मजबूती से खड़े हैं
वहीं विपक्ष में एकजुटता की कमी साफ दिखाई दे रही है
AIUDF का रुख चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है

