वृंदावन नाव हादसा: यमुना में नाव पलटने से मची चीख-पुकार
घटना की तारीख: 10 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) स्थान: केशी घाट, वृंदावन (मथुरा)
पंजाब के श्रद्धालुओं से भरी एक मोटर बोट (स्टीमर) यमुना नदी में देवरहा बाबा के दर्शन के लिए जा रही थी। चश्मदीदों और प्रशासन के अनुसार, नाव अचानक एक पांटून पुल से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह कुछ ही पलों में नदी की बीच धारा में पलट गई।
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मृतकों की संख्या: अब तक इस हादसे में 15 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। मृतकों में अधिकांश श्रद्धालु पंजाब के लुधियाना और मोगा जिले के रहने वाले थे।
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बचाव कार्य: हादसे के बाद स्थानीय गोताखोरों, जल पुलिस, NDRF और SDRF की टीमों ने बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। लगभग 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
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लापता लोग: ताजा खबरों के अनुसार, अभी भी 1 व्यक्ति लापता है जिसकी तलाश के लिए ड्रोन और आधुनिक उपकरणों की मदद ली जा रही है।
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क्षमता से अधिक भार: बताया जा रहा है कि नाव में क्षमता (15-16 लोग) से कहीं ज्यादा 32 लोग सवार थे और किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।
प्रशासनिक कार्रवाई और सहायता:
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
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मुआवजा: प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
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कड़े निर्देश: मथुरा प्रशासन ने यमुना में नावों के संचालन को लेकर सुरक्षा ऑडिट के आदेश दिए हैं और बिना लाइफ जैकेट या ओवरलोडिंग के नाव चलाने पर सख्त पाबंदी लगा दी है।
इस हादसे ने एक बार फिर जल सुरक्षा नियमों की अनदेखी के गंभीर खतरों को सामने ला दिया है। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं।

