गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
बिल्हौर (कानपुर नगर)।
तहसील बिल्हौर सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जमीन विवाद, पैमाइश में देरी और भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एडीएम ने कुल 111 शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और मौके पर ही कई मामलों की सुनवाई कर समाधान का प्रयास किया गया।
16 साल बाद भी नहीं मिला कब्जा
किशनपुरा गांव निवासी शुक्ला प्रजापति ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वर्ष 2010 में भूमि का पट्टा मिलने के बावजूद आज तक उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं मिल सका। कई बार शिकायत करने के बावजूद कार्रवाई न होने पर उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई।
वारिस प्रमाण पत्र में लापरवाही का आरोप
दरिया गांव निवासी राकेश कुमार शर्मा ने क्षेत्रीय लेखपाल पर वारिस प्रमाण पत्र बनाने में टालमटोल का आरोप लगाया। उनका कहना है कि सभी आवश्यक दस्तावेज देने के बावजूद प्रक्रिया को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है।
पैमाइश के नाम पर वसूली की शिकायत
डोडवा जमौली गांव निवासी महिला ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने भूमि पैमाइश के नाम पर रुपये लिए, लेकिन अब तक पैमाइश नहीं की गई। पीड़िता ने कार्रवाई की मांग की है।
निर्माण रुकवाने और धमकी का मामला
चौबेपुर क्षेत्र के एक व्यक्ति ने शिकायत करते हुए बताया कि कुछ दबंगों ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और पैसे की मांग करते हुए धमकी दी। विरोध करने पर अधूरे निर्माण को नुकसान पहुंचाया गया।
जनगणना अभियान को लेकर भी दिए निर्देश
एडीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना अभियान को गंभीरता से लिया जाए। उन्होंने बताया कि 7 मई से 21 मई तक सूचीकरण और 22 मई से 20 जून तक जनगणना का कार्य चलेगा, जिसमें 34 प्रश्न पूछे जाएंगे। अधिकारियों को लोगों को जागरूक करने और आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण पर जोर
एडीएम ने स्पष्ट कहा कि सभी शिकायतों का निस्तारण पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए। यदि किसी मामले में न्यायालय या अन्य स्तर से संबंधित जानकारी आवश्यक हो, तो पीड़ितों को पूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

