इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शहर की बहुप्रतीक्षित मेट्रो परियोजना अब अपने अगले महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश करने जा रही है। इंदौर मेट्रो का विस्तार गांधी नगर और सुपर कॉरिडोर से आगे बढ़ाकर रेडिसन चौराहा (मालवीय नगर चौराहा) तक किया जा रहा है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार 18 जून 2026 से इस विस्तारित कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन शुरू होने की संभावना है। इससे शहर के लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक परिवहन सुविधा मिलेगी। इंदौर मेट्रो का पहला चरण मई 2025 में शुरू हुआ था। उस समय लगभग 6 किलोमीटर लंबे सुपर प्रायोरिटी कॉरिडोर पर यात्री सेवाएं शुरू की गई थीं। हालांकि यह मार्ग शहर के मुख्य आबादी वाले क्षेत्रों तक नहीं पहुंचता था, जिसके कारण यात्रियों की संख्या अपेक्षा से कम रही। अब मेट्रो का विस्तार विजय नगर और रेडिसन चौराहे जैसे व्यस्त क्षेत्रों तक होने से यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। नए विस्तार के तहत लगभग 11 किलोमीटर लंबा अतिरिक्त मार्ग जोड़ा जाएगा। इसके बाद इंदौर मेट्रो का कुल परिचालन नेटवर्क लगभग 17.5 किलोमीटर का हो जाएगा। यह कॉरिडोर शहर के प्रमुख व्यावसायिक, आवासीय और आईटी क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा, जिससे दैनिक यात्रा करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के अनुसार विस्तारित मार्ग पर सभी तकनीकी और सुरक्षा परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे किए जा चुके हैं। मार्च 2026 में कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) द्वारा चार दिनों तक विस्तृत निरीक्षण किया गया था। इस दौरान मेट्रो ट्रेनों का हाई-स्पीड ट्रायल भी किया गया, जिसमें ट्रेन ने लगभग 80 किलोमीटर प्रति घंटा की गति हासिल की। साथ ही ट्रैक, ब्रेकिंग सिस्टम और सिग्नलिंग व्यवस्था की भी जांच की गई। निरीक्षण के बाद सुरक्षा मंजूरी प्रदान कर दी गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि रेडिसन चौराहे तक मेट्रो सेवा शुरू होने से शहर के ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी। वर्तमान में सुपर कॉरिडोर, एमआर-10, विजय नगर और मालवीय नगर क्षेत्र में प्रतिदिन हजारों वाहन चलते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनी रहती है। मेट्रो सेवा इन इलाकों के लोगों को तेज और समयबद्ध यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगी। इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शामिल है और यहां लगातार शहरी विकास कार्य किए जा रहे हैं। मेट्रो परियोजना को भी शहर के भविष्य के विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेट्रो के विस्तार से न केवल परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, रोजगार और रियल एस्टेट गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सुपर कॉरिडोर, विजय नगर और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में संपत्तियों की मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इंदौर मेट्रो परियोजना की कुल लंबाई लगभग 33.5 किलोमीटर निर्धारित की गई है। वर्तमान में इसका पहला चरण परिचालन में है जबकि अन्य हिस्सों पर निर्माण कार्य जारी है। भविष्य में मेट्रो नेटवर्क शहर के एयरपोर्ट, राजवाड़ा, एमजी रोड और अन्य प्रमुख क्षेत्रों तक भी विस्तारित किया जाएगा। इसके लिए कई नए निर्माण और भूमिगत कॉरिडोर की योजनाओं पर काम चल रहा है। मेट्रो परियोजना का उद्देश्य केवल यातायात सुविधा बढ़ाना नहीं है, बल्कि प्रदूषण को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना भी है। जैसे-जैसे लोग निजी वाहनों की बजाय मेट्रो का उपयोग करेंगे, शहर में ईंधन की खपत और प्रदूषण स्तर में भी कमी आएगी। इससे इंदौर को एक आधुनिक और स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। शहरवासियों में भी मेट्रो विस्तार को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से आईटी कंपनियों में कार्यरत कर्मचारी, छात्र और दैनिक यात्री लंबे समय से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो सेवा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे। अब संचालन शुरू होने के बाद उनकी यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान और समय की बचत करने वाली होगी। कुल मिलाकर इंदौर मेट्रो का यह नया विस्तार शहर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। 18 जून से प्रस्तावित संचालन के साथ इंदौर सार्वजनिक परिवहन के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। आने वाले वर्षों में मेट्रो नेटवर्क के और विस्तार के साथ शहर की पहचान देश के आधुनिक और बेहतर परिवहन सुविधाओं वाले शहरों में और मजबूत होगी।

