भोपाल मेट्रो जिसे ‘भोज मेट्रो’ के नाम से भी जाना जाता है का प्रोजेक्ट अब केवल कागजों पर नहीं है, बल्कि शहर के एक हिस्से में यह धरातल पर उतर चुका है। अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के मुख्य चरण और अपडेट्स नीचे दिए गए हैं:
1. वर्तमान स्थिति
भोपाल मेट्रो का प्रायोरिटी कॉरिडोर ऑरेंज लाइन का एक हिस्सा 21 दिसंबर 2025 से आम जनता के लिए शुरू हो चुका है।
रूट: सुभाष नगर से एम्स भोपाल।
लंबाई: 6.22 किलोमीटर।
स्टेशन(8: एम्स, अलकापुरी, डीआरएम ऑफिस, रानी कमलापति, एमपी नगर, डीबी सिटी, केंद्रीय विद्यालय और सुभाष नगर।
किराया: न्यूनतम ₹20 और अधिकतम ₹40 स्मार्ट कार्ड और QR कोड टिकटिंग की सुविधा उपलब्ध है।
2. निर्माणाधीन और आगामी चरण
वर्तमान में मेट्रो के पूरे पहले चरण (27.9 किमी) को पूरा करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है, जिसे 2027-2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है।
ऑरेंज लाइन (करौंद से एम्स – 14.99 किमी):
सुभाष नगर से करौंद सर्कल के बीच का काम जारी है।
अंडरग्राउंड सेक्शन: अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह से पुल पात्रा से सिंधी कॉलोनी के बीच 3.39 किमी लंबी सुरंग बनाने का काम शुरू हो चुका है। इसके लिए दो विशाल टनल बोरिंग मशीन (TBM) जमीन से 20 मीटर नीचे खुदाई कर रही हैं।
ब्लू लाइन (भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा – 12.91 किमी):
यह लाइन पूरी तरह से एलिवेटेड होगी। इसके सिविल वर्क के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिए जा चुके हैं और निर्माण कार्य (पिलर आदि) विभिन्न चरणों में है। इसमें 13 मुख्य स्टेशन होंगे, जो शहर के व्यापारिक केंद्रों (जवाहर चौक, रोशनपुरा, लिली टॉकीज, बीएचईएल) को जोड़ेंगे।
3. भविष्य की योजनाएं (Proposed Mega Extension)
सरकार अब भोपाल मेट्रो को केवल शहर तक सीमित न रखकर भोपाल मेट्रोपॉलिटन रीजन तक ले जाने की योजना बना रही है।
सैटेलाइट टाउन कनेक्टिविटी: मेट्रो को भविष्य में सीहोर, विदिशा, रायसेन और राजगढ़ जैसे पड़ोसी शहरों से जोड़ने के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
कुल 6 लाइन्स का प्रस्ताव: शहर के भीतर कुल 103 किमी का नेटवर्क बनाने का विजन है, जिसमें भविष्य में ग्रीन, येलो और ब्राउन लाइन्स भी शामिल होंगी।
भोपाल मेट्रो की मुख्य विशेषताएँ:
स्काईवॉक: रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के कॉनकोर्स को सीधे मेट्रो स्टेशन से जोड़ने के लिए 700 मीटर लंबा स्काईवॉक बनाया गया है।
आधुनिक ट्रेनें: 3 कोच वाली ट्रेनें चल रही हैं, जिनकी क्षमता लगभग 900 यात्रियों की है।
मेट्रो लाइट: ब्लू लाइन के लिए ‘मेट्रो लाइट’ हल्की मेट्रो प्रणाली का उपयोग करने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि लागत कम रहे और संकरे इलाकों में आसानी हो।
मेट्रो के विस्तार से आने वाले समय में सुखद सुरक्षित यातायात
Leave a Comment

