Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में असम की राजनीति एक बार फिर चर्चा में है। राज्य में आयोजित शपथ समारोह ने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गर्म कर दिया है। असम राजधानी दिसपुर और गुवाहाटी में समारोह को लेकर सुबह से ही उत्साह का माहौल दिखाई दिया। भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। समारोह स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां बड़ी संख्या में समर्थक, नेता और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां उपस्थित रहीं।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में पारंपरिक असमिया संस्कृति की झलक भी दिखाई दी। ढोल, पेपा और लोक नृत्य के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर राज्य के विकास, रोजगार, शिक्षा, उद्योग और सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि असम को पूर्वोत्तर भारत का सबसे मजबूत और विकसित राज्य बनाने के लिए नई योजनाओं पर तेजी से काम किया जाएगा। युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर सरकार विशेष ध्यान देगी।
समारोह में देश के कई बड़े नेताओं की उपस्थिति ने इसे और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। विभिन्न राज्यों से आए नेताओं ने असम सरकार को शुभकामनाएं दीं और राज्य के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शपथ समारोह केवल सत्ता संभालने का कार्यक्रम नहीं बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीतियों का भी संकेत है।
असम में पिछले कुछ वर्षों में आधारभूत संरचना, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से काम हुआ है। सरकार ने कई नई परियोजनाओं की शुरुआत की है, जिनका उद्देश्य राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए कि आने वाले समय में निवेश बढ़ाने के लिए नई औद्योगिक नीतियां लागू की जा सकती हैं।
समारोह स्थल के बाहर हजारों समर्थकों ने पार्टी के झंडे और पोस्टर लेकर खुशी जाहिर की। “जय असम” और “विकास की सरकार” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। सोशल मीडिया पर भी शपथ समारोह की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होते दिखाई दिए। कई लोगों ने इसे असम की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत बताया।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की कार्यशैली और प्रशासनिक अनुभव राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में सरकार कानून व्यवस्था, निवेश और पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दे रही है। खासकर पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी और व्यापार को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम जारी है।
इस शपथ समारोह के बाद अब लोगों की नजर नई सरकार के फैसलों पर टिकी हुई है। जनता को उम्मीद है कि सरकार महंगाई, बेरोजगारी और विकास जैसे मुद्दों पर तेजी से कार्य करेगी। आने वाले दिनों में सरकार द्वारा कई नई योजनाओं और घोषणाओं की संभावना भी जताई जा रही है।
असम की राजनीति में यह शपथ समारोह एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है, जिसने राज्य की जनता में नई उम्मीदें जगाई हैं। अब यह
देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार अपने वादों को कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से पूरा कर पाती है।
(हेल्प डेस्क)

