रोशन यादव शब्द मेल समाचार छत्तीसगढ़
लैलूंगा/जनपद पंचायत लैलूंगा में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब सरपंच संघ ने सीधे जनपद पंचायत के गेट पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला 29 अप्रैल को प्रस्तावित समीक्षा बैठक का है, जिसे हाईस्कूल कोडासिंया में आयोजित करने के फैसले पर सरपंचों ने कड़ा विरोध जताया है।
सरपंच संघ का साफ कहना है कि यह निर्णय पूरी तरह से अव्यवहारिक और पक्षपातपूर्ण है। 75 ग्राम पंचायतों के सरपंचों को छोड़कर सिर्फ 15 पंचायतों की बैठक अलग स्थान पर करना न केवल भेदभावपूर्ण है, बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों के सम्मान के भी खिलाफ है।
धरने पर बैठे सरपंचों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर बैठक को तत्काल निरस्त कर जनपद पंचायत कार्यालय में सभी 75 ग्राम पंचायतों की संयुक्त समीक्षा बैठक नहीं बुलाई गई, तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
क्या है पूरा मामला?
कार्यालय जनपद पंचायत लैलूंगा द्वारा जारी पत्र क्रमांक/334/ज.प./स्था./2026-27 के तहत 29 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे हाईस्कूल कोडासिंया में 15 ग्राम पंचायतों के सरपंच/सचिव की समीक्षा बैठक रखी गई है। इसी निर्णय को लेकर सरपंच संघ भड़क उठा है।
सरपंच संघ का अल्टीमेटम:
हाईस्कूल कोडासिंया में प्रस्तावित बैठक तत्काल निरस्त की जाएसभी 75 ग्राम पंचायतों की बैठक एक साथ जनपद पंचायत कार्यालय में हो
भविष्य में इस तरह के भेदभावपूर्ण फैसलों से बचा जाएधरना स्थल पर नारेबाजी के बीच माहौल पूरी तरह गरम है और प्रशासन के खिलाफ जमकर आक्रोश फूट रहा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन सरपंचों के इस दबाव के आगे झुकता है या टकराव और बढ़ेगा।
फिलहाल लैलूंगा में सियासी पारा हाई, जनपद पंचायत बना आंदोलन का अखाड़ा!

