24 फरवरी से शुरू हो रहा होलाष्टक, आठ दिनों तक थमेंगे शुभ कार्य
हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक का आरंभ 24 फरवरी से हो रहा है। होली से ठीक आठ दिन पूर्व शुरू होने वाली यह अवधि धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। मान्यता है कि इन दिनों में ग्रहों की स्थिति उग्र रहती है, इसलिए विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नामकरण जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार होलाष्टक संयम, साधना और भक्ति का समय है। श्रद्धालु इस दौरान दान-पुण्य, जप-तप और भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। पौराणिक मान्यताओं में इस काल को भक्त प्रह्लाद की अटूट आस्था और कठिन परीक्षाओं से जोड़ा गया है।
होलाष्टक की समाप्ति होलिका दहन के साथ होगी, जिसके बाद रंगों का पावन पर्व होली पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जाएगा।

