जितेन्द्र सिंह जीतू आगरा : मंडल प्रभारी शब्द मेल समाचार
बच्चे का मुंह तक देखने नहीं आए ससुराल वाले, अब तलाक तय रति देवी ने कहा कि जिस ससुराल के लोगों के दिल में मेरे डेढ़ साल के मासूम बच्चे के लिए इतनी भी संवेदना नहीं बची कि वे उसके शव को देखने आते, अब मैं उस घर में कभी दोबारा लौटकर नहीं जाऊंगी। मैं अपने पति सुमित से हर हाल में कानूनी तौर पर तलाक लेकर रहूंगी।
फिरोजाबाद के शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में शनिवार दोपहर विराज उर्फ जितेंद्र पाठक ने रिश्ते की भाभी रती से शादी करने की जिद पूरी न होने पर उसके डेढ़ साल के मासूम बेटे आरव को सड़क पर बेरहमी से आठ बार पटक-पटककर मार डाला। मामले में एक तरफ जहां हत्यारोपी को सजा दिलाने की कानूनी प्रक्रिया तेज हो गई है, वहीं दूसरी तरफ मासूम आरव की मां रति देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। आरव की वीभत्स हत्या के सदमे से रति उबर नहीं पा रही हैं। अरांव थाना क्षेत्र के गांव बामई स्थित अपने मायके में रह रही रति देवी की रविवार रात को अचानक उनकी तबीयत काफी बिगड़ गई, जिसके बाद सोमवार को भी वह दिन में कई बार बदहवास होकर बेहोश हो गईं। घर पर सांत्वना देने पहुंच रहे लोगों के सामने रति का दर्द आंसुओं के रूप में छलक पड़ा।
बच्चे का मुंह तक देखने नहीं आए ससुराल वाले, अब तलाक तय रति देवी ने रूंधे गले से रोते हुए खून के रिश्तों की बेरुखी पर भारी आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी और खौफनाक वारदात हो जाने के बाद भी उनके ससुराल पक्ष का कोई भी व्यक्ति या पति सुमित उनके इकलौते बच्चे का आखिरी बार मुंह तक देखने नहीं आया। रति ने सख्त लहजे में कहा जिस ससुराल के लोगों के दिल में मेरे डेढ़ साल के मासूम बच्चे के लिए इतनी भी संवेदना नहीं बची कि वे उसके शव को देखने आते, अब मैं उस घर में कभी दोबारा लौटकर नहीं जाऊंगी। मैं अपने पति सुमित से हर हाल में कानूनी तौर पर तलाक लेकर रहूंगी।

