हर वर्ष 6 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपना स्थापना दिवस मनाती है
। यह दिन पार्टी के इतिहास, विचारधारा और राजनीतिक सफर को याद करने का अवसर होता है। भाजपा की स्थापना 6 अप्रैल 1980 को हुई थी, और तब से लेकर आज तक पार्टी ने भारतीय राजनीति में एक मजबूत स्थान बना लिया है।
भाजपा की जड़ें भारतीय जनसंघ से जुड़ी हैं, जिसकी स्थापना 1951 में हुई थी। बाद में जनसंघ का विलय जनता पार्टी में हुआ, लेकिन वैचारिक मतभेदों के चलते 1980 में भाजपा का गठन हुआ। पार्टी ने शुरुआत में “गांधीवादी समाजवाद” को अपनाया, लेकिन समय के साथ राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक विचारधारा को प्रमुख आधार बनाया।
शुरुआती दौर में भाजपा को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 1984 के लोकसभा चुनाव में पार्टी को केवल 2 सीटें मिली थीं, लेकिन इसके बाद पार्टी ने धीरे-धीरे अपने संगठन को मजबूत किया और जनता के बीच अपनी पहचान बनाई। 1990 के दशक में राम मंदिर आंदोलन और अन्य मुद्दों के चलते भाजपा को व्यापक जनसमर्थन मिला।
साल 1998 में भाजपा ने केंद्र में पहली बार सरकार बनाई और अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने। यह भाजपा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था। इसके बाद 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी को पूर्ण बहुमत मिला और तब से भाजपा लगातार केंद्र की सत्ता में बनी हुई है।
आज भाजपा देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन चुकी है, जो विकास, राष्ट्रवाद और सुशासन के मुद्दों पर काम करने का दावा करती है। पार्टी का संगठन देश के हर राज्य में फैला हुआ है और करोड़ों कार्यकर्ता इससे जुड़े हैं।
भाजपा स्थापना दिवस के मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कार्यकर्ता पार्टी के झंडे फहराते हैं, सेवा कार्य करते हैं और सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाते हैं। यह दिन पार्टी के लिए केवल उत्सव नहीं, बल्कि संगठन को और मजबूत करने का संकल्प लेने का अवसर भी होता है।
🔻 निष्कर्ष
भाजपा का सफर संघर्ष से सफलता तक का उदाहरण है। स्थापना दिवस पार्टी के इतिहास को याद करते हुए भविष्य की दिशा तय करने का दिन है।

