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कन्नौज। जिले के मानीमऊ क्षेत्र स्थित ऋषि नगर इन दिनों आस्था और स्वास्थ्य सेवा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां गुजरात के द्वारिकापुरी से आए प्रसिद्ध ‘कंबल वाले बाबा’ द्वारा लगाए गए रोग निवारण शिविर में भारी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं। शिविर में बाबा अपनी विशेष पद्धति से विभिन्न प्रकार के रोगों का उपचार कर रहे हैं, जिससे लोगों में खासा उत्साह और विश्वास देखने को मिल रहा है।
बुधवार को बाबा के ऋषि नगर पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच उनका अभिनंदन किया गया। इसके बाद शिविर स्थल पर लगे विशाल पंडाल में उपचार प्रक्रिया शुरू हुई, जहां सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें लग गईं। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से आए लोग अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे और बाबा से उपचार प्राप्त किया।
शिविर में बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बाबा ने धैर्यपूर्वक एक-एक मरीज की समस्या सुनी और अपने तरीके से उपचार किया। कई मरीजों ने राहत मिलने का दावा भी किया, जिससे अन्य लोगों का भरोसा और बढ़ गया।
यह आयोजन सनातन धर्म सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में किया जा रहा है। शिविर स्थल पर धार्मिक माहौल भी बना हुआ है, जहां भागवत कथा, भजन-कीर्तन और अन्य धार्मिक अनुष्ठान लगातार चल रहे हैं। पंडित कौशल महाराज ने ‘कंबल वाले बाबा’ का स्वागत करते हुए पूरे आयोजन की जिम्मेदारी संभाली और व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित किया।
पंडित कौशल महाराज ने बताया कि यह रोग निवारण शिविर 22 अप्रैल से 28 अप्रैल तक चलेगा। प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक मरीजों का उपचार किया जाएगा। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से शिविर में पहुंचकर लाभ उठाने की अपील की।
शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक स्वास्थ्य सेवा पहुंचाना और लोगों को रोगमुक्त बनाना है। आयोजकों का कहना है कि जिन लोगों के पास महंगे इलाज की सुविधा नहीं है, उनके लिए यह शिविर एक बड़ा सहारा बन सकता है।
इस दौरान रामकाज सेवा समिति एवं मां दुर्गा सेवा समिति के अध्यक्ष बलराम सिंह, रमेश शुक्ला, धीरेंद्र तिवारी, विनय पांडेय, लालजी पांडेय सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और व्यवस्थाओं में सहयोग दिया।
शिविर में उमड़ रही भीड़ और लोगों का उत्साह यह दर्शाता है कि क्षेत्र में इस प्रकार के आयोजनों की आवश्यकता है। स्थानीय लोगों का मानना है कि ऐसे शिविर समाज में सेवा और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी इस आयोजन पर नजर रखी जा रही है, ताकि व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
कुल मिलाकर ऋषि नगर में चल रहा यह रोग निवारण शिविर इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है और बड़ी संख्या में लोग इसका लाभ उठाने के लिए पहुंच रहे हैं।

