Dewas में गुरुवार को हुए भीषण विस्फोट ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। जानकारी के अनुसार देवास जिले के टोंककला क्षेत्र में स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में अचानक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास के कई किलोमीटर तक कंपन महसूस किया गया और लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोग और प्रशासन मौके पर पहुंचे तथा राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार इस हादसे में कम से कम तीन लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 15 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें देवास और इंदौर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि धमाके के बाद आग तेजी से फैल गई, जिससे फैक्ट्री के आसपास धुएं का गुबार छा गया। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री रखी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंच गए। कई फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने घंटों मशक्कत कर आग पर काबू पाने की कोशिश की। राहत दल द्वारा मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। प्रशासन ने आसपास के इलाके को खाली कराकर सुरक्षा घेरा बना दिया ताकि कोई और बड़ा हादसा न हो सके। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री के मालिक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि फैक्ट्री वैध रूप से संचालित हो रही थी या नहीं। स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का सही तरीके से पालन किया जाता तो इतना बड़ा हादसा टाला जा सकता था। फिलहाल प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और विस्फोट के कारणों की विस्तृत जांच जारी है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा और अवैध विस्फोटक इकाइयों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

