महेंद्र चौबे संवाददाता शब्द मेल समाचार
कन्नौद। गुड़बेल से कन्नौद मार्ग पर मनरेगा के तहत लगाए गए छायादार वृक्षों की कटाई, ग्रामीणों में आक्रोश
कन्नौद तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत गुड़बेल से कन्नौद मार्ग पर वर्ष 2017 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत सड़क के दोनों ओर लगभग 200 पौधों का वृक्षारोपण किया गया था। यह वृक्षारोपण पर्यावरण संरक्षण एवं हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया था।
ग्रामीणों के अनुसार वर्ष 2026 तक ये पौधे विकसित होकर बड़े एवं छायादार वृक्ष बन चुके थे, लेकिन मार्ग के दोनों ओर स्थित कुछ किसानों द्वारा इन वृक्षों को काट दिया गया। इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है तथा राहगीरों को मिलने वाली प्राकृतिक छाया भी समाप्त हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजना के अंतर्गत लगाए गए वृक्ष सार्वजनिक संपत्ति हैं, जिनका संरक्षण किया जाना आवश्यक है। वृक्षों की कटाई से ग्रामीणों एवं पर्यावरण प्रेमियों में आक्रोश व्याप्त है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसे वृक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
श्लोक :
“परोपकाराय फलन्ति वृक्षाः, परोपकाराय वहन्ति नद्यः।”
अर्थ :
वृक्ष दूसरों के हित के लिए फल देते हैं और नदियां दूसरों के हित के लिए बहती हैं। प्रकृति का प्रत्येक तत्व परोपकार का संदेश देता है।

