देहरादून, 20 जुलाई 2026।
डॉ .मनोज बिष्ट उत्तराखंड प्रभारी शब्द मेल समाचार : उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा राज्य के कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 से 48 घंटों के दौरान राज्य के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा, तेज गर्जना, आकाशीय बिजली तथा तेज हवाएं चलने की संभावना है। लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध होने, नदियों और गदेरों के जलस्तर में अचानक वृद्धि तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ तथा आपदा प्रबंधन विभाग को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर पहाड़ियों से पत्थर गिरने और भूस्खलन की घटनाएं सामने आने की आशंका है। प्रशासन ने यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
मौसम विभाग ने विशेष रूप से नदी, नालों और गदेरों के किनारे रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है। अचानक जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए लोगों से इन क्षेत्रों से दूर रहने का अनुरोध किया गया है। पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में एहतियात के तौर पर विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर स्थानीय प्रशासन द्वारा आवश्यक निर्णय लिए जा रहे हैं। जिला प्रशासन लगातार मौसम की स्थिति पर निगरानी बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सड़क संपर्क को सुचारु बनाए रखने के लिए संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
प्रशासन की आम जनता से अपील
– मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
– अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर पर्वतीय मार्गों पर।
– नदी, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
– आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन, पुलिस या आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत संपर्क करें।
– अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर विश्वास करें।
राज्य में मानसून की सक्रियता को देखते हुए अगले कुछ दिनों तक सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है। मौसम विभाग ने कहा है कि परिस्थितियों के अनुसार अलर्ट में परिवर्तन किया जा सकता है और नागरिकों को नियमित मौसम बुलेटिन पर नजर बनाए रखनी चाहिए

