जितेन्द्र सिंह जीतू आगरा मंडल प्रभारी : शब्द मेल समाचार
– जलभराव वाले क्षेत्र जस के तस आज भी, कोई सुधार नहीं हुआ
मैनपुरी। एक से 31 जुलाई तक स्वास्थय विभाग की तरफ से चलाए जा रहे विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की सफलता के दावे कागजों में तो खूब किए जा रहे हैं, लेकिन अभियान के 29 दिन बीत जाने के बावजूद, जिले की स्थिति एक महीने पहले जैसी ही बनी हुई है। सबसे अधिक लापरवाही मलेरिया विभाग की ओर से देखी जा रही है जिसने संवेदनशील घोषित किए इलाकों की समस्याओं पर भी ध्यान नहीं दिया है।
मलेरिया विभाग को हर साल संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत प्रचार-प्रसार के लिए लाखों रुपये आवंटित किए जाते हैं। मलेरिया विभाग की मुख्य जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि जहां जलभराव हैं, वहां दवा का छिड़काव किया जाए। साथ ही, ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों के साथ समन्वय स्थापित कर पानी की निकासी और सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाया जाए। इसके विपरीत, मलेरिया विभाग के अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई कर रहे हैं।
यह स्थान किए गए हैं संवेदनशील घोषित
– मैनपुरी शहर के मोहल्ला श्रृंगार नगर, पंजावी कालोनी, राजा का बाग, शक्तिनगर, आवास विकास, पाल नगर, राधारामन रोड़, ज्योति तिराहा, नगला निरंजन
मैनपुरी देहात- सिकन्दरपुर, परौंख
घिरोर- डालगंज, अकबरपर, औछां
कुरावली- फिरोजपुर, ज्योति खुडिया, कुरावली
सुल्तानंगज- भोगांव ऊदमपुर, ललूपुर
बेवर- नवींगज, बेवर, नगला खरा मानपुर
किशनी- भवानीगढ, शमशेरगंज,
जागीर- सगामई शिवसिंहपुर जागीर, बघिरुआ
करहल- डांडा, करहल, हरवाई, सढ
बरनाहल- पैरारशाहपुर, नगला दिलीप
औंछा को घोषित किया हैं संवेदनशील
घिरोर विकास खंड के कस्बा औंछा को मलेरिया विभाग ने संवेदनशील इलाके में शामिल किया है। लेकिन यहां पिछले एक महीने में संचारी रोगों की रोकथाम के लिए कोई कार्य नहीं किया गया है। कस्बा की कई गलियों में जलभराव और गंदगी है। जो यहां बीमारियों का खतरा बन सकते हैं।
क्या बोले स्थानीय नागरिक
औंछा कस्बा की मुख्य सड़क के साथ ही जसराना रोड आदि पर जलभराव रहता है। कस्बा में भी कई जगह जलभराव है। जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे यहां मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। यहां किसी भी समय डेंगू और मलेरिया के मरीज मिल सकते हैं।- अमित कुमार, औंछा।
नवीगंज को घोषित किया संवेदनशील
बेवर विकास खंड के कस्बा नवीगंज को मलेरिया विभाग ने संवदेनशील इलाके में शामिल किया है। पिछले एक महीने में सफाई और गंदगी से निजात के लिए यहां कोई अभियान नहीं चला है। जबकि विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के 29 दिन बीत चुके हैं। यहां मुख्य सड़क पर ही गंदगी है। इससे यहां बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
क्या बोले स्थानीय नागरिक
कस्बा की सफाई व्यवस्था पर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। मुख्य सड़कों के साथ ही गलियों में भी गंदगी नजर आ रही है। पिछले एक महीने में यहां कोई काम नहीं हुआ है। इससे यहां बीमारियों का खतरा बना हुआ है।- किशोर कुमार द्विवेदी, नवीगंज।
क्या बोले मलेरिया अधिकारी
मच्छरों की रोकथाम के लिए सभी सामुदायिक स्वास्थय केंद्रों पर एंटी लार्वा की व्यवस्था कराई गई है। मलेरिया इंस्पेक्टरों को नियमित निगरानी और प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है। प्रचार प्रसार के लिए भी पर्याप्त कार्य किया जा रहा है।- हिलाल अहमद, जिला मलेरिया अधिकारी।
फोटो परिचय- कस्बा औंछा में जसराना रोड पर जलभराव।

