गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
बिल्हौर, कानपुर नगर। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर बिल्हौर क्षेत्र के सुंगल बुद्ध विहार, सिद्धार्थपुरम (डोडवा जमीली) में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूरे बुद्ध विहार परिसर को 2570 दीपकों से सजाया गया, जिससे वातावरण आध्यात्मिक और आकर्षक बन गया।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया। साथ ही स्कूली बच्चों को पुस्तकों, बैग, कॉपी, रजिस्टर और अन्य स्टेशनरी सामग्री का निःशुल्क वितरण किया गया। इस पहल से बच्चों में शिक्षा के प्रति उत्साह देखने को मिला।
आयोजन में वैश्विक शांति की कामना के साथ बुद्ध पूजा, महापरित्राण पाठ एवं धम्मपद का अखंड संगीयान किया गया। कार्यक्रम में धर्म, शांति और मानवता के संदेश को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
इस कार्यक्रम का ऑनलाइन नेतृत्व श्रीलंका के महापंडित भिक्षु प्रियदर्शी थेरो ने किया। वे पाली और संस्कृत बौद्ध साहित्य के विद्वान हैं तथा केलनिया यूनिवर्सिटी, श्रीलंका से जुड़े एक प्रतिष्ठित रिसर्च स्कॉलर भी हैं।
इंजीनियर अजय कुमार ने बताया कि भगवान बुद्ध का जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण तीनों ही वैशाख पूर्णिमा के दिन हुए थे। इसी कारण यह पर्व त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने मानव जीवन की दुर्लभता, संसार में शांति की आवश्यकता, दुख के कारण और उससे मुक्ति के मार्ग पर प्रकाश डाला। साथ ही करुणा, अहिंसा और मध्यम मार्ग के महत्व को विस्तार से समझाया गया।
यह आयोजन शांति, करुणा और बुद्ध वाणी के संदेश से गूंज उठा। इसमें बिल्हौर क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालुओं के अलावा कन्नौज, फर्रुखाबाद, औरैया, इटावा, हरदोई और उन्नाव समेत कई जनपदों से भी लोग शामिल हुए।

