मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में बदला मौसम का मिजाज
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है। मौसम में आए बदलाव के बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 15 सितंबर 2026 को देश के करीब 22 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले घंटों में कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
- मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में बदला मौसम का मिजाज
- इन राज्यों में बारिश और आंधी का असर
- मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर
- उत्तर प्रदेश और बिहार में भी अलर्ट
- दिल्ली-NCR में भी बारिश की संभावना
- गुजरात में बारिश ने बढ़ाई परेशानी
- महाराष्ट्र में भी बारिश का दौर
- तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा
- किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
- पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
- मानसून की विदाई भी जल्द
- लोगों से सावधानी बरतने की अपील
- निष्कर्ष
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने की सलाह दी गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली चमकने अथवा तेज आंधी के दौरान खुले स्थानों पर न रहें।
इन राज्यों में बारिश और आंधी का असर
मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है।
गुजरात में पिछले दिनों से बारिश का दौर काफी सक्रिय है। कई इलाकों में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति बनी है। मौसम विभाग ने गुजरात के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। सौराष्ट्र और कच्छ क्षेत्र में भी विशेष सतर्कता की जरूरत बताई गई है।
मध्य प्रदेश में भी बारिश का दौर
मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। किसानों के लिए मौसम विभाग ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
बारिश के दौरान खेतों में काम कर रहे किसानों को खुले स्थान पर रहने से बचने और बिजली चमकने के समय पेड़ के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी जाती है। निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति पर भी नजर रखने की जरूरत है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी अलर्ट
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है। राजधानी लखनऊ सहित अनेक जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं बिहार में भी कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक का पूर्वानुमान है।
बिहार तथा पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के कारण नदियों और छोटे जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन की चेतावनी पर ध्यान देने की जरूरत है।
दिल्ली-NCR में भी बारिश की संभावना
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी मौसम बदलने की संभावना बनी हुई है। मंगलवार को दिल्ली-NCR के कई इलाकों में बारिश और बादल छाए रहने का अनुमान है।
बारिश के कारण सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों में पानी भरने तथा सुबह-शाम ट्रैफिक की रफ्तार धीमी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि यात्रा से पहले स्थानीय मौसम की जानकारी जरूर लें।
गुजरात में बारिश ने बढ़ाई परेशानी
गुजरात में पिछले कुछ दिनों से बारिश का जोर दिखाई दे रहा है। अहमदाबाद सहित कई शहरों में भारी बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ अंडरपासों को पानी भरने के कारण बंद करना पड़ा।
सौराष्ट्र क्षेत्र के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है। प्रशासन जलभराव वाले इलाकों पर नजर बनाए हुए है।
महाराष्ट्र में भी बारिश का दौर
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून फिर सक्रिय हुआ है। मुंबई, ठाणे, पुणे और अन्य क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी हुई है। राज्य के कुछ इलाकों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
पश्चिमी महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र में बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति काफी बढ़ सकती है। ऐसे मौसम में बिजली के खंभों, पेड़ों, कमजोर निर्माण और होर्डिंग्स से दूर रहना जरूरी है।
आकाशीय बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान, खेत, तालाब, नदी या ऊंचे पेड़ के नीचे खड़े होना खतरनाक हो सकता है। मौसम विशेषज्ञों ने लोगों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी है।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
सितंबर का समय खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भरने पर फसलों को नुकसान हो सकता है। वहीं पर्याप्त बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए।
किसानों को सलाह दी जाती है कि मौसम साफ होने तक खुले खेतों में अनावश्यक रूप से काम करने से बचें। यदि बिजली चमक रही हो तो कृषि उपकरणों के साथ खुले क्षेत्र में रहना जोखिम भरा हो सकता है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बाधित होने की संभावना बढ़ जाती है। पहाड़ों में बारिश के कारण अचानक नाले और छोटी नदियां उफान पर आ सकती हैं।
स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई है। पर्यटकों और यात्रियों को भी मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की सलाह दी जाती है।
मानसून की विदाई भी जल्द
इस बीच मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की परिस्थितियां भी बन रही हैं। सामान्य तौर पर उत्तर-पश्चिम भारत से मानसून की वापसी सितंबर के मध्य में शुरू होती है। इस वर्ष भी पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी लगभग 19 सितंबर के आसपास शुरू होने की संभावना जताई गई है।
हालांकि मानसून की वापसी शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि देश के सभी हिस्सों से बारिश तत्काल समाप्त हो जाएगी। मानसून की विदाई के दौरान भी कई राज्यों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश जारी रह सकती है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
मौसम विभाग के अलर्ट के बीच लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है। तेज बारिश के दौरान नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों को पार करने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान मोबाइल टावर, पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाए रखना सुरक्षित है।
वाहन चालकों को बारिश के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने और जलभराव वाले रास्तों पर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। दृश्यता कम होने पर वाहन की हेडलाइट चालू रखना और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी है।
निष्कर्ष
देश के कई राज्यों में मानसून एक बार फिर सक्रिय दिखाई दे रहा है। 15 सितंबर 2026 को करीब 22 राज्यों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर मौसम अलर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में मौसम का असर दिखाई दे सकता है।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर निचले इलाकों, नदी-नालों के किनारे और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए।
शब्द मेल समाचार की अपील: मौसम से जुड़ी किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना को ही सही मानें। यात्रा से पहले अपने क्षेत्र का मौसम पूर्वानुमान जरूर जांचें और तेज बारिश, आंधी या बिजली गिरने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें।

