केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही हैं
मध्य प्रदेश में राष्ट्रीय राजमार्गों (National Highways) और एक्सप्रेसवे का जाल बिछाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कई बड़ी परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। 2026 के अपडेट्स के अनुसार, मुख्य फोकस उन क्षेत्रों को जोड़ना है जो अब तक विकास की मुख्यधारा से दूर थे।
यहाँ उन प्रमुख जिलों और क्षेत्रों का विवरण दिया गया है जिन्हें नए हाईवे से जोड़ा जा रहा है:
1. अटल प्रोग्रेस-वे (Atal Progress-Way)
यह परियोजना चंबल क्षेत्र के लिए जीवनरेखा मानी जा रही है। यह राजस्थान के कोटा से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के इटावा तक जाएगी।
प्रभावित जिले: श्योपुर, मुरैना और भिंड।
प्रमुख गाँव: इस हाईवे के लिए लगभग 150 गाँवों की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इसमें श्योपुर के 48 गाँव (जैसे जलैरा, सिरसोद), मुरैना के 90 गाँव और भिंड के 25 गाँव (जैसे बरही, रानीपुरा) सीधे जुड़ेंगे।
2. नर्मदा एक्सप्रेस-वे (Narmada Expressway / Pragati Path)
यह मध्य प्रदेश की सबसे लंबी सड़क परियोजना (लगभग 1,300 किमी) है, जो राज्य के पूर्वी छोर (अमरकंटक) को पश्चिमी छोर (अलीराजपुर) से जोड़ेगी।
प्रभावित जिले: अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, नर्मदापुरम (होशंगाबाद), हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी और अलीराजपुर।
विशेषता: यह मार्ग नर्मदा नदी के समानांतर चलेगा और इसके किनारे औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
3. विंध्य एक्सप्रेस-वे (Vindhya Expressway)
राजधानी भोपाल को सीधे सिंगरौली से जोड़ने के लिए इस एक्सप्रेस-वे की योजना है।
प्रभावित जिले: भोपाल, विदिशा, सागर, दमोह, कटनी, रीवा, सीधी और सिंगरौली।
उद्देश्य: विंध्य क्षेत्र की सिंगरौली (ऊर्जा राजधानी) को राजधानी से कम समय में जोड़ना।
4. महत्वपूर्ण नेशनल हाईवे और बाईपास परियोजनाएं (2025-26)
हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री ने ₹1 लाख करोड़ की नई परियोजनाओं की घोषणा की है, जिनमें शामिल हैं:
बदनावर-उज्जैन फोरलेन: धार और उज्जैन जिलों के बीच कनेक्टिविटी।
देसगांव-खरगोन-जुलवानिया (NH-347B): खरगोन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों को नेशनल हाईवे से जोड़ने के लिए 4-लेन का काम जारी है।
बेतुल-खंडवा सेक्शन: इस मार्ग के बनने से दक्षिण भारत की ओर जाने वाला ट्रैफिक सुगम होगा।
प्रमुख जिलों और गाँवों को होने वाले लाभ:
प्रमुख जिलों और गाँवों को होने वाले लाभ:क्षेत्र मुख्य जिले लाभ
चंबल संभाग श्योपुर, मुरैना, भिंड बीहड़ क्षेत्रों का विकास और दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से जुड़ाव।
महाकौशल जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर लॉजिस्टिक्स हब और बेहतर व्यापारिक मार्ग।
मालवा-निमाड़ इंदौर, धार, खरगोन, खंडवा औद्योगिक विकास और कृषि उत्पादों के लिए बड़ा बाज़ार।
विंध्य क्षेत्र रीवा, सीधी, सिंगरौलीइन हाईवे के किनारे ‘स्मार्ट विलेज’ विकसित करने की भी योजना है, ताकि गाँवों से शहरों की ओर पलायन कम हो सके और स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिल सके।

