देशभर में एक बार फिर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार 15 मई 2026 को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि कर दी। नई कीमतें लागू होते ही लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ना शुरू हो गया है। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल करीब 97 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में भी ईंधन के दामों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मध्यप्रदेश के भोपाल और इंदौर में भी पेट्रोल-डीजल लगभग 3 रुपये महंगा हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण यह फैसला लिया गया है। ईरान-अमेरिका तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता के चलते वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। इसका सीधा असर भारत सहित कई देशों में ईंधन कीमतों पर दिखाई दे रहा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से सबसे ज्यादा असर आम जनता और परिवहन क्षेत्र पर पड़ सकता है। डीजल की कीमत बढ़ने से ट्रकों और माल ढुलाई का खर्च बढ़ेगा, जिससे फल, सब्जियां, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। इससे महंगाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। विपक्षी दलों ने सरकार के इस फैसले की आलोचना शुरू कर दी है। कांग्रेस सहित कई दलों ने इसे आम आदमी पर अतिरिक्त बोझ बताया है, जबकि सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण कीमतों में बदलाव जरूरी हो गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार बढ़ती रहीं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में और बढ़ोतरी हो सकती है।

