आलोक अवस्थी उत्तर प्रदेश प्रभारी शब्द मेल समाचार
उत्तर प्रदेश।कानपुर नगर।बुजुर्गों के साथ उत्पीड़न की खबरें आमतौर पर बेटों या बहुओं से जुड़ी होती हैं, लेकिन कानपुर नगर के एक गांव में एक अलग ही मामला सामने आया है। यहां एक वृद्ध मां अपनी ही बेटी से परेशान होकर जिलाधिकारी के जनतादर्शन कार्यक्रम में पहुंच गई और उससे घर खाली कराने की मांग की।
तहसील सदर के ग्राम दूल निवासी करीब 76 वर्षीय सरस्वती 9 अप्रैल को जनतादर्शन में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष पेश हुईं। उन्होंने प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी पुत्री प्रेमशान्ती उनके साथ आए दिन विवाद करती है और घर का माहौल अशांत बना रहता है। वृद्धा का आरोप है कि हाल ही में बेटी ने उन्हें ही घर से बाहर निकाल दिया, जिससे वे असहाय होकर प्रशासन की शरण में पहुंचीं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। इसके बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी सदर अनुभव सिंह राजस्व और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान नायब तहसीलदार सचेण्डी, थानाध्यक्ष, राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान सहित कई ग्रामीण भी मौजूद रहे।
ग्रामीणों से पूछताछ में पता चला कि मां-बेटी के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। सरस्वती का कहना था कि वह शांति से जीवन बिताना चाहती हैं, लेकिन लगातार तनाव बना रहता है। वहीं प्रेमशान्ती ने सफाई देते हुए बताया कि वह ससुराल में प्रताड़ना के चलते अपनी बेटी के साथ मायके में रह रही हैं। उन्होंने मां के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों से इनकार किया और कहा कि बेटी की शादी के बाद वह वापस ससुराल चली जाएंगी।
स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराई गई। काफी देर तक चली चर्चा के बाद स्थिति सामान्य हुई और अस्थायी सहमति बन गई। उपजिलाधिकारी ने दोनों के बीच सुलह कराते हुए क्षेत्रीय लेखपाल और चौकी प्रभारी को समय-समय पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
जनतादर्शन में पहुंची इस शिकायत ने जहां एक पारिवारिक विवाद को उजागर किया, वहीं यह भी स्पष्ट किया कि बदलते सामाजिक परिवेश में पारिवारिक रिश्तों की जटिलताएं कभी-कभी प्रशासनिक हस्तक्षेप की मांग करने लगती हैं। फिलहाल प्रशासन की पहल से मामला शांत हो गया है।

