प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी न इस हार को देश की महिलाओं के साथ अनन्या बताया है।
विषेश: रिपोर्ट शब्द मेल न्यूज़
सत्ता विपक्ष के दलों के समर्थन न मिलने से वर्ष 2026 के नारी सम्मान मे पारित होने वाले नारी वन्दन बिल संसद में बिफल हो गया बिल के पक्ष में 352 वोट मिलने थे परन्तु 298 वोट ही मिले जिस कारण महिलाओं के हित में होने वाले अधिकारों से वंचित रह गई । महिला बिल पारित न होना विपक्ष दल इसे अपनी जीत बताकर जशन मना रहे हैं, कांग्रेस,सपा सहित सत्ता पार्टी के विरोधी दलों ने नारी बिल पास न होने पर खुशी जाहिर करते हुए कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री प्रियंका गाधी ने अपने भाषण में यह बिल महिलाओं के पक्ष में नहीं था
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी न इस हार को देश की महिलाओं के साथ अनन्या बताया है। मोदी जी ने अपने भाषण में कहा यह बिल नारी शक्ति के अधिकारों की लडाई की जीत होना था जो देश के विकास का नया अध्याय रचती महिलाओं को आरक्षण मिलने की जद्दोजहद थी यह बिल या नारी शक्ति बिल पास न होने से कांग्रेस मे जश्न का माहौल है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा की कांग्रेस हमेशा से ही भारतीय जनता पार्टी ने जब जब देश हितों के लिए क़दम उठाए हैं तब तब कांग्रेस और विपक्षी दलों ने अड़ंगगा लगया है कांग्रेस नारी विरोधी राजनीतिक पार्टी है। लेकिन हम देश और देश की नारी शक्ति का और अपमान नहीं होने देंगे हमारी लड़ाई खत्म नहीं हुई जब तक हम नारी शक्ति को उनके हक़ नहीं दिला देते तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।
निष्कर्ष – संसद में नारी शक्ति का बिल पास न होने से।यह लगने लगा है की कही न कहीं सत्ता पार्टी का दबदबा कमजोर होते दिख रहा है। या कांग्रेस ने और विपक्षी दलों ने आगामी लोकसभा चुनाव में महिलाओं के मिलने वाले वोट की कटौती कर ली है यह तो आने वाला समय ही तय करेंगा की नारी शक्ति बिल बिफल होने का असर किस तरफ़ देखने को मिलेगा।
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