गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
अरौल थाना क्षेत्र में शुक्रवार को वट सावित्री व्रत श्रद्धा, आस्था और पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। क्षेत्र की सुहागिन महिलाओं ने विधि-विधान से वट वृक्ष (बरगद) की पूजा-अर्चना कर अपने पति की लंबी आयु, उत्तम स्वास्थ्य एवं अखंड सौभाग्यवती बने रहने की कामना की। गांवों और कस्बों में सुबह से ही धार्मिक वातावरण बना रहा।
महिलाएं सुबह स्नान के बाद पारंपरिक परिधानों में सज-धजकर वट वृक्ष के पास पहुंचीं, जहां उन्होंने पूजा सामग्री के साथ व्रत का विधिवत पालन किया। महिलाओं ने बरगद के वृक्ष के चारों ओर कच्चा धागा लपेटकर परिक्रमा की तथा सावित्री-सत्यवान की कथा सुनकर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में सुहागिन महिलाओं का प्रमुख पर्व माना जाता है। मान्यता है कि माता सावित्री ने अपने तप और अटूट संकल्प के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि के लिए यह व्रत रखती हैं।
वट वृक्ष को हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसमें त्रिदेव ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास होता है। बरगद के वृक्ष की लंबी आयु और विशालता को पति-पत्नी के मजबूत और अटूट रिश्ते का प्रतीक माना जाता है।
अरौल थाना क्षेत्र के विभिन्न गांवों में महिलाओं ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की मंगलकामना की। पूरे क्षेत्र में वट सावित्री व्रत को लेकर भक्ति और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।

