गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
बिल्हौर। कानपुर जनपद की बिल्हौर विधानसभा में सोमवार को समाजवादी पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तैयार की गई। बैठक का आयोजन समाजवादी पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में विधानसभा प्रभारी पुष्पराज सिंह यादव के नेतृत्व में हुआ। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने और पीडीए समाज के बीच जाकर पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का संदेश दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए विधानसभा प्रभारी पुष्पराज सिंह यादव ने कहा कि प्रत्याशी कोई भी हो, सभी कार्यकर्ता राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को चेहरा मानकर चुनाव मैदान में उतरें। उन्होंने गुटबाजी छोड़कर एकजुट होकर कार्य करने और भाजपा सरकार की नीतियों का जनता के बीच विरोध करने का आह्वान किया।
पूर्व जिलाध्यक्ष निर्भय सिंह यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “अच्छे दिन” का सपना दिखाने वाली सरकार ने जनता को महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं से जूझने पर मजबूर कर दिया है। उन्होंने कहा कि केवल सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने से चुनाव नहीं जीते जाते, बल्कि जमीनी स्तर पर संघर्ष करना पड़ता है।
बिल्हौर विधानसभा से दावेदारी कर रहे सपा नेता विनय कोरी ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के 480 बूथों पर संगठन को मजबूत करना प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सामाजिक समीकरणों पर गंभीरता से काम करने और पूरी ताकत के साथ चुनाव की तैयारी में जुटने का आह्वान किया।
बैठक के बाद समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने तहसील तक पैदल मार्च निकालकर महंगाई, NEET-UG पेपर लीक और सपा विधायक अमिताभ बाजपेई के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणी के विरोध में प्रदर्शन किया। इसके बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन एसडीएम मनीष कुमार को सौंपा गया।
ज्ञापन में पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस, सोना-चांदी की बढ़ती कीमतों पर चिंता व्यक्त करते हुए टैक्स में कटौती और गैस सब्सिडी बहाल करने की मांग की गई। वहीं NEET-UG पेपर लीक प्रकरण की सीबीआई जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
इस अवसर पर विनय कोरी, साहिर हुसैन जाफरी, श्यामसुंदर यादव, शैलेन्द्र यादव, अर्चना रावल, कार्तिकेय शुक्ला, आशीष सिंह यादव, अभिषेक सिंह यादव, नवीन यादव, शिवम त्रिवेदी, सत्यम बाजपेई, डब्लू दुबे, पप्पू पहलवान, प्रदीप सविता, कुलदीप यादव, ऋषभ यादव, हरिनाथ यादव, महेंद्र यादव, ओमवीर फौजी, डॉ. उपदेश यादव, शौर्य यादव, अरशद सिद्दीकी, राधारमण यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

