मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अगले 72 घंटे भारी बारिश की चेतावनी
न्यूज़ सोर्स हेल्प डेस्क : नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और हिमाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 से 72 घंटे कई क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेंगे। लगातार हो रही बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने, शहरी क्षेत्रों में जलभराव तथा पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका जताई गई है।
- मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में अगले 72 घंटे भारी बारिश की चेतावनी
- मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना
- उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा
- महाराष्ट्र और गुजरात में तटीय क्षेत्रों पर नजर
- उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियां उफान पर
- दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश के आसार
- प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
- किसानों के लिए राहत और चुनौती
- बिजली और यातायात पर असर
- मौसम विभाग की प्रमुख सलाह
- अगले 72 घंटे बेहद अहम
मौसम विभाग के वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी आने तथा एक सक्रिय निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव के कारण देश के मध्य, पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में वर्षा की गतिविधियां तेज हुई हैं। यही कारण है कि कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी है।
मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना
मध्य प्रदेश में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, शहडोल, रीवा, ग्वालियर और चंबल संभाग के कई जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित करने पर भी स्थानीय प्रशासन विचार कर रहा है। नर्मदा, ताप्ती, बेतवा, चंबल और अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ने की आशंका है। चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कई संवेदनशील मार्गों पर मशीनें और राहत दल पहले से तैनात किए गए हैं। यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
महाराष्ट्र और गुजरात में तटीय क्षेत्रों पर नजर
महाराष्ट्र के मुंबई, ठाणे, रायगढ़, रत्नागिरी और पालघर सहित कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात के दक्षिणी और मध्य भागों में भी मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है। समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में नदियां उफान पर
उत्तर प्रदेश और बिहार में लगातार बारिश से कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा, घाघरा, गंडक, कोसी और सोन नदी के किनारे बसे इलाकों में प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर में भी बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी अगले कुछ दिनों तक मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी, लेकिन कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रशासन ने जारी की एडवाइजरी
राज्य सरकारों और जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को नदी-नालों और भूस्खलन संभावित स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आपदा प्रबंधन बल (NDRF) और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमें कई संवेदनशील जिलों में तैनात कर दी गई हैं।
किसानों के लिए राहत और चुनौती
लगातार हो रही वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक मानी जा रही है। धान, सोयाबीन, मक्का और दलहन की फसलों को पर्याप्त नमी मिल रही है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी वहां जलभराव के कारण फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। कृषि विभाग ने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है।
बिजली और यातायात पर असर
भारी वर्षा के कारण कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित होने तथा सड़कों पर जलभराव की संभावना है। रेलवे और हवाई सेवाओं पर भी मौसम का असर पड़ सकता है। यात्रियों को यात्रा से पहले संबंधित विभागों से जानकारी लेने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग की प्रमुख सलाह
- मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करें।
- अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।
- नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
- बिजली गिरने के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- मोबाइल में मौसम संबंधी अलर्ट सक्रिय रखें।
- किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन हेल्पलाइन से संपर्क करें।
अगले 72 घंटे बेहद अहम
विशेषज्ञों के अनुसार अगले तीन दिन देश के कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण रहेंगे। यदि वर्षा का यही क्रम जारी रहा तो कुछ क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव दलों को पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर नए पूर्वानुमान जारी करेगा।
बारिश जहां एक ओर गर्मी से राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर जनजीवन, यातायात और कृषि पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल सकता है। ऐसे में नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों से बचें, केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

