शिलांग, 13 जून 2026। पूर्वोत्तर भारत के विकास और बुनियादी ढांचे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के उद्देश्य से 15 और 16 जून को मेघालय की राजधानी शिलांग में नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट एंड एग्जीबिशन (NEIINFRA 2026) का आयोजन किया जा रहा है। इस दो दिवसीय आयोजन में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि, उद्योग जगत के दिग्गज, निवेशक, नीति निर्माता और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे। समिट का उद्देश्य पूर्वोत्तर राज्यों में आधारभूत संरचना विकास, निवेश संभावनाओं और क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति को गति देना है। इस महत्वपूर्ण समिट का आयोजन मेघालय सरकार की मेजबानी में किया जा रहा है। आयोजन स्थल शिलांग का लैरिटी परफॉर्मिंग आर्ट्स सेंटर होगा, जहां देशभर से सैकड़ों प्रतिनिधियों के पहुंचने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार यह पूर्वोत्तर भारत में अब तक के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर-केंद्रित आयोजनों में से एक होगा। समिट का मुख्य आकर्षण केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री Nitin Gadkari की उपस्थिति होगी। वे 15 जून को शिलांग पहुंचकर उद्घाटन सत्र और सीईओ राउंड टेबल बैठक में भाग लेंगे। इसके अलावा वे पूर्वोत्तर क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। समिट में सड़क एवं राजमार्ग, परिवहन और लॉजिस्टिक्स, शहरी आधारभूत संरचना, पर्यटन, ऊर्जा, डिजिटल कनेक्टिविटी तथा सतत विकास जैसे प्रमुख विषयों पर विस्तृत चर्चा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में बड़े निवेश से पूर्वोत्तर भारत की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल सकती है और रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। पूर्वोत्तर भारत लंबे समय से अपनी भौगोलिक चुनौतियों और सीमित कनेक्टिविटी के कारण विकास की दौड़ में अपेक्षाकृत पीछे रहा है। हालांकि पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने सड़क, रेल, हवाई और डिजिटल नेटवर्क के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। ऐसे में यह समिट क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के सामने एक उभरते हुए निवेश गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करने का अवसर प्रदान करेगा। समिट में आठों पूर्वोत्तर राज्यों— Assam, Meghalaya, Arunachal Pradesh, Nagaland, Manipur, Mizoram, Tripura और Sikkim — को अपनी विकास परियोजनाओं और निवेश अवसरों को प्रस्तुत करने का मंच मिलेगा। इससे निवेशकों को क्षेत्र की वास्तविक संभावनाओं को समझने का अवसर प्राप्त होगा। आयोजन में कई केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। इसके अलावा नागरिक उड्डयन, बंदरगाह एवं जलमार्ग, दूरसंचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी विभिन्न सत्रों में शामिल होंगे। इससे केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वोत्तर भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से व्यापारिक संपर्क बढ़ाने के लिए भारत का प्रवेश द्वार बन सकता है। बेहतर सड़क नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स हब, औद्योगिक गलियारे और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बना सकते हैं। समिट में इन्हीं संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
समिट के दौरान कई निवेश समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर होने की भी संभावना जताई जा रही है। उद्योग जगत की कई बड़ी कंपनियां और निवेशक समूह पूर्वोत्तर क्षेत्र में संभावनाओं का आकलन करने के लिए शिलांग पहुंच रहे हैं। इससे आने वाले वर्षों में सड़क, ऊर्जा, पर्यटन और डिजिटल परियोजनाओं में निवेश बढ़ सकता है। मेघालय सरकार और आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि पूर्वोत्तर भारत के विकास का रोडमैप तैयार करने वाला मंच साबित होगा। यहां होने वाली चर्चाएं और निवेश प्रस्ताव आने वाले वर्षों में क्षेत्र की आर्थिक तस्वीर बदल सकते हैं। कुल मिलाकर, शिलांग में आयोजित होने वाला नॉर्थ ईस्ट इंडिया इंफ्रास्ट्रक्चर समिट 2026 पूर्वोत्तर भारत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। यदि समिट में प्रस्तावित योजनाएं और निवेश जमीन पर उतरते हैं, तो यह क्षेत्र देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है। विकास, रोजगार और कनेक्टिविटी के नए द्वार खोलने वाला यह आयोजन पूरे देश का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर रहा है।
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