जितेन्द्र सिंह जीतू आगरा मंडल प्रभारी: शब्द मेल समाचार
मिशन 2027 को फतह करने के लिए सपा मुखिया अखिलेश यादव बेहद गंभीर, पार्टी के पिछले चार महीनों से चल रहे विधानसभा स्तर के सर्वे में कई अहम बातें सामने आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक PDA के नाम पर विभिन्न पिछड़ी जातियों के कई लोगों ने विधानसभा की सामान्य सीटों पर अपनी दावेदारी पेश की है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व के सामने यह बात भी आई कि कई दावेदार केवल सपा के पारंपरिक वोट बैंक के भरोसे चुनाव लड़ना चाहते हैं।
इसी रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने संभावित दावेदारों के लिए नया निर्देश जारी किया है। बताया जा रहा है कि 1 अगस्त से 15 अगस्त के बीच प्रत्येक दावेदार को अपने-अपने समाज के कम से कम चार बड़े सम्मेलन आयोजित करने होंगे, जिसमें हर सम्मेलन में कम से कम 1,000 लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।
सूत्रों के मुताबिक, टिकट के लिए उसी दावेदार की दावेदारी को गंभीरता से लिया जाएगा, जो इस निर्देश को प्रभावी ढंग से पूरा करेगा। समाजवादी पार्टी का संगठन अब जमीनी स्तर पर दावेदारों की पकड़, जनसंपर्क और संगठनात्मक क्षमता को परखने की तैयारी में है।
सपा नेतृत्व का साफ संदेश माना जा रहा है कि जिस दावेदार का अपने समाज में प्रभाव नहीं होगा या जिसकी सभाओं में अपेक्षित भीड़ नहीं जुटेगी, उसकी टिकट की दावेदारी पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा।
मिशन 2027 के लिए समाजवादी पार्टी का फोकस संगठन विस्तार, सामाजिक आधार मजबूत करने और जमीनी स्तर पर मजबूत चेहरों को आगे बढ़ाने पर है। अखिलेश यादव का यह कदम पार्टी के भीतर अनुशासन और कार्यकर्ता आधारित टिकट वितरण की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

