गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
बिल्हौर कानपुर नगर l तहसील क्षेत्र के बिकरू देहात स्थित पंचायत सचिवालय में हुए औचक निरीक्षण के दौरान विकास कार्यों में वित्तीय अनियमितताओं और फर्जी बिलों के जरिए सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला उजागर हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी ने तत्काल प्रभाव से ग्राम विकास अधिकारी (बीडीओ) सुरेश चंद्र को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा 31 जुलाई को किए गए निरीक्षण में विकास कार्यों से संबंधित अभिलेखों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कई ऐसे भुगतान सामने आए, जो निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के विपरीत किए गए थे। अधिकारियों ने इसे सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला माना है।
जांच में यह भी सामने आया कि अन्य कार्य एवं गार्डन टेंपलेट मद में पंचायत क्षेत्र के कई इंटरलॉकिंग निर्माण कार्यों का भुगतान कर दिया गया, जबकि यह भुगतान निर्धारित वित्तीय प्रक्रिया के अनुरूप नहीं था।
इसके अलावा प्रशासनिक मद में निर्धारित सीमा से अधिक खर्च दर्ज मिला। जहां अधिकतम 2.30 लाख रुपये खर्च किए जा सकते थे, वहीं अभिलेखों में लगभग 5 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया गया। इस पर अधिकारियों ने गंभीर आपत्ति दर्ज करते हुए स्पष्टीकरण मांगा है।
पंचायत में आरआरसी सेंटर और वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर पर ग्रीन प्लास्टिक मैटिंग लगाए जाने के नाम पर भी भुगतान किया गया, लेकिन मौके पर निरीक्षण के दौरान ऐसी कोई मैटिंग नहीं मिली। संबंधित कार्यों के फोटोग्राफ भी अभिलेखों में उपलब्ध नहीं पाए गए। इससे फर्जी बिलों के माध्यम से सरकारी धन के गबन की आशंका और मजबूत हो गई।
निरीक्षण में अभिलेखों के रखरखाव में भी गंभीर लापरवाही सामने आई। कई आवश्यक दस्तावेज विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुरक्षित नहीं पाए गए, जिस पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।
जिला विकास अधिकारी आलोक प्रकाश रस्तोगी ने ग्राम विकास अधिकारी सुरेश चंद्र को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उन्हें मसवान ब्लॉक से संबद्ध कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषी पाए जाने वाले सभी संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

