मध्य पूर्व तनाव के बीच में भी गैस आपूर्ति सामान्य होने का सरकार का दावा
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में आवश्यक वस्तु अधिनियम के अन्तर्गत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिये निरंतर कार्यवाही की जा रही है, अभी तक 2939 स्थानों पर जांच की गई, 4547 एलपीजी सिलेण्डर जब्त किये गए तथा 12 प्रकरणों में एफआईआर दर्ज कराई गई। प्रदेश के 764 रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) की जांच कराई गई है। इसमें 2 प्रकरण में एफ.आई.आर. दर्ज कराई गई है। प्रदेश के समस्त जिला आपूर्ति नियंत्रक/अधिकारी एवं ऑयल कंपनी के अधिकारियों को सतत् रूप से पेट्रोल पंपों की जांच करने के निर्देश दिये गये हैं। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोलियम पदार्थ उपलब्ध है।
मंत्री श्री राजपूत ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि पीएनजी पाइपलाइन जिन क्षेत्रों में बिछ चुकी है, उस क्षेत्र के उपभोक्ता पीएनजी कनेक्शन जरूर लें। इससे उन्हें गैस सिलेंडर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। गैस की सतत आपूर्ति होगी। उपभोक्ताओं से आग्रह है कि किसी तरह का भ्रम नहीं पालें। पीएनजी पूरी तरह से सुरक्षित है।
भारत में कच्चे तेल (Crude Oil) का पर्याप्त भण्डार है, देश एवं प्रदेश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोलियम पदार्थों की निरंतर सप्लाई हो सके एवं सप्लाई में कोई रुकावट न आए। मध्यप्रदेश और पूरे देश में एलपीजी (LPG) पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
मंत्री श्री राजपूत ने भारत सरकार द्वारा निर्धारित 70% सीमा के अधीन संस्थाओं एवं प्रतिष्ठानों को तय किये गये प्राथमिकता क्रम अनुसार सप्लाई निरंतर जारी रखने के निर्देश दिये हैं। यह भी ध्यान रखा जाये कि सड़क पर कारोबार कर रहे छोटे व्यवसायी (स्ट्रीट वेण्डर) को भी उक्त अनुसार कमर्शियल सिलेण्डर प्रदाय किये जायें। ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्लांट अतिरिक्त समय (Extended Hours) तक काम कर रहे हैं। प्रदेश के जिलों में स्थित बॉटलिंग प्लांट तथा वितरकों के पास उपलब्धता एवं प्रदाय की सतत् रूप से समीक्षा की जा रही है। साथ ही माइग्रेन्ट लेबर, छात्रों आदि के लिए खाना पकाने के लिये 05kg के सिलेण्डेर ऑयल कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे हैं। आम जनता से अपील की गई है कि वह वैकल्पिक साधनों, जैसे इंडक्शन, सोलर कुकर, बायो गैस, गोबर धन तथा स्वससहायता समूहों द्वारा उत्पादित गो-काष्ठ का उपयोग करें।
वैकल्पिक ऊर्जा के क्षेत्र में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग को उनके यहां रजिस्टर्ड 44 कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजेक्ट को चालू करने के निर्देश दिये गये हैं। इसी प्रकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा 44 जिलों में 136 बायोगैस प्लांट संचालित होना बताया गया है। इन बायोगैस प्लांटों को क्रियाशील करने के निर्देश भी दिये गये हैं।

