प्रकृतिक आपदाओं और संकट के समय सरकार हमेशा साथ – मुख्यमंत्री
मध्य प्रदेश सरकार प्राकृतिक आपदाओं और संकट के समय नागरिकों, विशेषकर किसानों और गरीबों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है, जिसमें आपदा राहत पर विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्य आपदा राहत योजनाएं और प्रावधान निम्नलिखित हैं:
1. मुख्यमंत्री किसान कल्याण एवं आपदा राहत
प्राकृतिक आपदा सहायता: ओलावृष्टि, अतिवृष्टि (बाढ़), कीट-व्याधि या सूखे से फसल खराब होने पर सरकार राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के तहत सीधे आर्थिक सहायता देती है। वर्ष 2026 में अब तक 24 लाख से अधिक प्रभावित किसानों को ₹2,106 करोड़ की राहत राशि वितरित की जा चुकी है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना: मध्य प्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन में अग्रणी है। आपदा की स्थिति में फसलों के नुकसान का आकलन कर बीमा राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जाती है। वर्तमान में लगभग 1.79 करोड़ किसान इस सुरक्षा कवच के दायरे में हैं।
2. आवास और पुनर्वास योजनाएं
प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना (आपदा प्रभावित): बाढ़ या अन्य आपदाओं में घर नष्ट होने पर पात्र परिवारों को ‘पक्का आवास’ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाता है। इसके अलावा, आपदा के तुरंत बाद अस्थायी आश्रय और भोजन की व्यवस्था के लिए आपदा राहत कोष (SDRF) से सहायता दी जाती है।
अनुग्रह सहायता (Ex-gratia Payment): प्राकृतिक आपदा (जैसे बिजली गिरना, बाढ़, लू लगना) के कारण जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता तत्काल प्रदान की जाती है।
3. आपातकालीन रेस्क्यू और प्रबंधन (MPSDMA)
MPSDMA पोर्टल: ‘मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण’ एक केंद्रीकृत प्रणाली है जो आपदा की पूर्व चेतावनी (Early Warning) और सूचना साझा करने का काम करती है।
रेस्क्यू ऑपरेशंस: हाल ही में उज्जैन जैसे क्षेत्रों में बोरवेल या अन्य दुर्घटनाओं के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को आधुनिक उपकरणों से लैस किया गया है ताकि आपदा के समय त्वरित कार्रवाई की जा सके।
4. अन्य महत्वपूर्ण कल्याणकारी सुरक्षा
लाड़ली बहना योजना (आपातकालीन सुरक्षा): महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब ₹1,500 प्रति माह दिए जा रहे हैं, जो संकट के समय परिवार के लिए एक ‘बफर’ (आर्थिक ढाल) का काम करता है।
मुफ्त बिजली और सोलर पंप: प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और सिंचाई सुनिश्चित करने के लिए ‘पीएम-कुसुम योजना’ के तहत 3.2 मिलियन किसानों को सोलर पंप दिए जा रहे हैं, ताकि बिजली संकट के समय भी खेती प्रभावित न हो।

