जितेन्द्र सिंह जीतू आगरा मंडल प्रभारी शब्द मेल समाचार
मैनपुरी। पति-पत्नी के बीच बढ़ते विवादों को बातचीत और समझाइश के जरिए सुलझाने की कोशिश में परिवार परामर्श केंद्र ने शुक्रवार को सराहनीय पहल की। पुलिस अधीक्षक मैनपुरी के निर्देशन में आयोजित केंद्र में 20 पत्रावलियों पर सुनवाई की गई, जिनमें से 3 मामलों में पति-पत्नी आपसी गिले-शिकवे भुलाकर फिर साथ रहने को राजी हुए।
पहला मामला: मालती उर्फ देवकी और अंशुल उर्फ देवेंद्र करीब दो माह से अलग रह रहे थे। काउंसलिंग के बाद दोनों ने आपसी मतभेद दूर कर साथ रहने की सहमति जताई।
दूसरा मामला: मोनिका और मोनू भी कुछ समय से अलग रह रहे थे। परिवार परामर्श केंद्र में समझाइश के बाद दोनों ने विवाद खत्म कर साथ रहने का निर्णय लिया।
तीसरा मामला: गुन्जा देवी और दयानंद करीब पांच माह से अलग रह रहे थे। काउंसलिंग के बाद दोनों के बीच सुलह हुई और दोनों साथ रहने के लिए तैयार हो गए।
तीनों दंपतियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए साथ-साथ विदा किया गया।
परिवार परामर्श केंद्र का उद्देश्य केवल विवादों का निपटारा करना नहीं, बल्कि टूटते रिश्तों को संवाद और समझदारी के जरिए बचाने का प्रयास करना भी है।
इस मौके पर उप निरीक्षक हरिओम सिंह, काउंसलर रामकिशन यादव, मुजम्मिल मिर्जा, मंजुषा चौहान, मनोरमा सिंह, ममता चौहान, आराधना गुप्ता, महिला हेड कांस्टेबल कुसुम और महिला कांस्टेबल रेशू देवी मौजूद रहीं।
कभी-कभी रिश्ता खत्म करने से पहले एक बार बात कर लेना ही परिवार बचा सकता है

