गगनेश तिवारी ब्यूरो: शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
बिल्हौर। विकासखंड बिल्हौर की बारांडा ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग और करीब 4.16 लाख रुपये के गबन के मामले में आखिरकार प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सीडीओ के निर्देश के लगभग एक माह बाद खंड विकास अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान, तत्कालीन सचिव समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामले की शुरुआत दिसंबर 2025 में गांव के अंकुर और कमलेश चंद्र द्वारा जिलाधिकारी से की गई शिकायत से हुई थी। शिकायत में नाला निर्माण, पौधरोपण, भूमि समतलीकरण समेत विभिन्न विकास कार्यों में सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। शिकायत के बाद अधिकारियों की संयुक्त जांच टीम ने मौके का निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जांच के दौरान पता चला कि कई कार्य केवल कागजों में ही पूरे दिखाए गए थे। गोशाला एवं बकरा शेड निर्माण के नाम पर 94,809 रुपये का भुगतान किया गया, जबकि लाभार्थियों ने स्वयं निर्माण कराने की बात कही। भूमि समतलीकरण के लिए भुगतान दर्शाई गई जगह पर आलू की फसल खड़ी मिली। वहीं मस्जिद से तालाब तक नाला निर्माण के नाम पर 1.54 लाख रुपये निकाले गए, लेकिन मौके पर नाला ही नहीं मिला।
संयुक्त जांच रिपोर्ट में कुल 4,16,608 रुपये के सरकारी धन के गबन की पुष्टि होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। खंड विकास अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने ग्राम प्रधान, तत्कालीन सचिव, तकनीकी सहायक समेत पांच आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
परियोजना निदेशक आलोक कुमार ने बताया कि दोषियों से सरकारी धन की वसूली की भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

