500 मीटर दायरे में तंबाकू बिक्री पर लगेगी रोक, पुलिस-प्रशासन और शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से चलाएंगे अभियान
गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर उत्तर प्रदेश
बिल्हौर। प्रदेश में बढ़ती नशाखोरी और किशोरों में तंबाकू सेवन की बढ़ती प्रवृत्ति को देखते हुए शासन ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। स्कूलों और कॉलेजों के आसपास तंबाकू, गुटखा, सिगरेट और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए व्यापक अभियान शुरू किया जा रहा है। शासन के निर्देश पर पुलिस-प्रशासन, शिक्षा विभाग और नारकोटिक्स विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे। इस अभियान के तहत शिक्षण संस्थानों के 500 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार के तंबाकू उत्पाद की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
सरकार का मानना है कि कम उम्र में नशे की लत बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर रही है। यही कारण है कि अब स्कूलों और कॉलेजों के आसपास विशेष निगरानी रखी जाएगी। पुलिस टीम समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले दुकानदारों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विद्यालयों में लगाए जाएंगे चेतावनी बोर्ड
माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि विद्यालय परिसर के बाहर “तंबाकू मुक्त क्षेत्र” और “नशा करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है” जैसे बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। साथ ही स्कूल प्रबंधन को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि विद्यालय के आसपास किसी भी प्रकार का नशे का कारोबार न हो।
विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों को तंबाकू और नशे से होने वाली गंभीर बीमारियों की जानकारी दें और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें।
बच्चों को बनाया जा रहा आसान निशाना
विशेषज्ञों का कहना है कि नशे का कारोबार करने वाले लोग सबसे ज्यादा किशोर और स्कूली बच्चों को निशाना बनाते हैं। छोटी उम्र में शुरू हुई यह आदत धीरे-धीरे गंभीर लत में बदल जाती है, जिससे बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास प्रभावित होता है। कई मामलों में छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं और अपराध की दुनिया की ओर बढ़ने लगते हैं।
इसी खतरे को देखते हुए शासन ने अब “नशा मुक्त विद्यालय” अभियान को तेज करने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत अभिभावकों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी ताकि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें।
दुकानदारों पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि किसी दुकान पर स्कूल-कॉलेज के पास तंबाकू उत्पाद बिकते पाए गए तो संबंधित दुकानदार के खिलाफ जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें नियमित रूप से निरीक्षण करेंगी।
इसके अलावा विद्यालयों के आसपास संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। खासकर छुट्टी के समय पुलिस गश्त तेज रहेगी ताकि छात्रों को किसी भी प्रकार के गलत प्रभाव से बचाया जा सके।
जागरूकता अभियान को मिलेगा बढ़ावा
सरकार द्वारा “नशा छोड़ो, भविष्य जोड़ो” और “स्वस्थ युवा, मजबूत भारत” जैसे संदेशों के साथ व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। विभिन्न स्कूलों में नुक्कड़ नाटक, रैली, शपथ कार्यक्रम और संगोष्ठियों का आयोजन कर छात्रों को नशे से दूर रहने की प्रेरणा दी जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार तंबाकू सेवन से कैंसर, हृदय रोग और सांस संबंधी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। यदि बच्चों को शुरुआती अवस्था में ही नशे से दूर रखा जाए तो आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ और सुरक्षित बनाया जा सकता है।
प्रशासन का कहना है कि यह अभियान केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। शासन की मंशा है कि प्रदेश के सभी स्कूल और कॉलेज पूरी तरह नशा मुक्त बनें और छात्र सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें

