यह है पांडुपोल हनुमान मंदिर (सरिस्का क्षेत्र में स्थित)।
🛕 पांडुपोल हनुमान मंदिर की कथा
यह मंदिर सरिस्का टाइगर रिजर्व के अंदर स्थित है और इसका संबंध महाभारत काल से माना जाता है।
📖 पौराणिक कथा
कहा जाता है कि वनवास के दौरान भीम यहाँ से गुजर रहे थे।
रास्ते में उन्हें एक वृद्ध वानर (जो वास्तव में हनुमान थे) मिला, जिसकी पूंछ रास्ते में पड़ी थी।
भीम ने अपनी ताकत से पूंछ हटाने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे।
तब उन्हें एहसास हुआ कि यह कोई साधारण वानर नहीं, बल्कि हनुमान जी हैं।
🧹 झाड़ू चढ़ाने की मान्यता
यहाँ भक्त झाड़ू चढ़ाकर अपनी परेशानियों और बाधाओं को दूर करने की प्रार्थना करते हैं।
माना जाता है कि इससे नकारात्मक शक्तियाँ, रोग और कष्ट दूर होते हैं।
कई लोग मनोकामना पूरी होने पर झाड़ू अर्पित करते हैं।
🌿 मंदिर की विशेषता
राजस्थान के अलवर में एक ऐसा प्रसिद्ध मंदिर है जहाँ भक्त झाड़ू चढ़ाते हैं
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