गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
बिल्हौर, कानपुर नगर। भीषण गर्मी और संभावित हीटवेव को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी क्रम में बिल्हौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में अपर जिलाधिकारी महेश प्रकाश एवं उप जिलाधिकारी (SDM) मनीष कुमार ने औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मौजूद संसाधनों, चिकित्सा सुविधाओं और आपातकालीन तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने सबसे पहले ओपीडी, इमरजेंसी वार्ड, दवा वितरण कक्ष, पानी की व्यवस्था, कूलिंग सिस्टम, साफ-सफाई एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। इस दौरान अधीक्षक डॉ. धर्मेंद्र राजपूत, फार्मासिस्ट विजेंद्र गुप्ता एवं डॉ. स्वाति कटियार सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे। निरीक्षण में कुछ कमियां सामने आने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि हीटवेव जैसी आपदा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अस्पताल प्रशासन को निर्देशित किया कि सभी आवश्यक दवाएं, ORS, ग्लूकोज, ठंडा पेयजल एवं प्राथमिक उपचार सामग्री पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहे। साथ ही अस्पताल परिसर में छायादार स्थान, पंखे/कूलर एवं पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका को भी बेहद महत्वपूर्ण बताया गया। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि आशा कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों को हीटवेव से बचाव के प्रति जागरूक करें। ग्रामीणों को दिन के समय तेज धूप में बाहर न निकलने, सिर ढककर चलने, पर्याप्त पानी पीने, हल्के व सूती कपड़े पहनने और लू लगने के लक्षणों के प्रति सतर्क रहने की सलाह देने को कहा गया।
इसके अलावा यह भी निर्देशित किया गया कि यदि किसी व्यक्ति को लू लगने के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस के माध्यम से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया जाए। इस कार्य की जिम्मेदारी आशा कार्यकर्ताओं एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम को सौंपी गई है, ताकि समय रहते मरीज को उपचार मिल सके।
अधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन को यह भी निर्देश दिए कि आपात स्थिति से निपटने के लिए कम से कम 10 बेड हमेशा आरक्षित और पूरी तरह तैयार रखें। इसके साथ ही डॉक्टरों और स्टाफ की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार सुनिश्चित करने, 24 घंटे इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित रखने और मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के अंत में अधिकारियों ने कहा कि हीटवेव से बचाव के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और सभी विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करना होगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से भी अपील की कि गर्मी के मौसम में सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें, ताकि हीटवेव के दुष्प्रभावों से सुरक्षित रहा जा सके।

