देश में गर्मी ने मई महीने में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान लगातार 44 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए हीटवेव यानी लू का अलर्ट जारी किया है और लोगों से दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। सबसे अधिक असर उन इलाकों में देखने को मिल रहा है जहां तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर दर्ज किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी केवल असुविधा नहीं बल्कि स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। उत्तर प्रदेश इस समय सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में शामिल है। कई जिलों में तापमान 47–48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। बांदा लगातार देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहा और यहां गंभीर गर्मी की स्थिति दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, हमीरपुर, जालौन, महोबा और झांसी सहित कई जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। मध्य प्रदेश में भी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। कई जिलों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ हिस्सों को रेड जोन की श्रेणी में रखते हुए सावधानी बरतने की चेतावनी दी है। खजुराहो, रतलाम, धार और उज्जैन जैसे क्षेत्रों में तेज गर्म हवाओं का असर देखने को मिला। महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में भी हालात बेहद चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। अमरावती, वर्धा, अकोला और नागपुर जैसे क्षेत्रों में तापमान 45–46 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। कई स्थानों पर रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहा जिससे लोगों को राहत नहीं मिल रही है। मौसम विभाग ने कुछ जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में भी गर्मी लगातार रिकॉर्ड बना रही है। दिल्ली के कई हिस्सों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया और अगले कुछ दिनों तक राहत की संभावना कम बताई गई है। प्रशासन ने लोगों को पानी अधिक पीने और धूप से बचने की सलाह दी है। उत्तराखंड जैसे अपेक्षाकृत ठंडे माने जाने वाले राज्य भी इस बार गर्मी की चपेट में हैं। देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और रुड़की में तापमान तेजी से बढ़ा है और कुछ स्थानों पर यह सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया। इससे यह संकेत मिल रहा है कि गर्मी का असर अब केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा। मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत और कुछ पूर्वी क्षेत्रों में आने वाले दिनों में सामान्य से अधिक हीटवेव वाले दिन देखने को मिल सकते हैं। साथ ही कुछ हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां और बारिश राहत दे सकती हैं, लेकिन गर्मी का प्रभाव पूरी तरह खत्म होने की संभावना फिलहाल कम है।
- देश में गर्मी ने मई महीने में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर भारत, मध्य भारत और पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान लगातार 44 से 48 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच रहा है।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में जाने से बचें
- लगातार पानी और ओआरएस लेते रहें
- हल्के और सूती कपड़े पहनें
- बच्चों और बुजुर्गों को सीधे धूप से बचाएं
- चक्कर, तेज बुखार या अत्यधिक कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि तेज गर्मी के दौरान शरीर में पानी की कमी, हीट एक्सॉशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। छोटे बच्चों, बुजुर्गों, बाहर काम करने वाले लोगों और पहले से बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी रखने की जरूरत है।
बचाव के लिए जरूरी सलाह:
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दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में जाने से बचें
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लगातार पानी और ओआरएस लेते रहें
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हल्के और सूती कपड़े पहनें
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बच्चों और बुजुर्गों को सीधे धूप से बचाएं
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चक्कर, तेज बुखार या अत्यधिक कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
फिलहाल देश के कई हिस्सों में गर्मी का प्रकोप जारी है और आने वाले दिनों में लोगों को सतर्क रहकर मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत होगी।

