आलोक अवस्थी उत्तर प्रदेश प्रभारी शब्द मेल समाचार
प्राकृतिक खेती की इस मुहिम को बताया ऐतिहासिक शुरुआत
उत्तर प्रदेश।कानपुर नगर।सीएसए यूनिवर्सिटी में आयोजित प्राकृतिक खेती के कार्यक्रम में देश के जाने-माने प्रगतिशील किसान और पद्मश्री भारत भूषण त्यागी शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने योगी सरकार के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती की यह मुहिम एक ऐतिहासिक शुरुआत है। देश का किसान इसे सफल बनाने के लिए पूरी तरह से तन, मन और धन से साथ देगा। उन्होंने मंच से सरकार के सामने खेती को और मजबूत व असरदार बनाने के लिए सकारात्मक सुझाव दिए।
सरकार की नीतियों को खेतों तक पहुँचाने का विज़न
उन्होंने पहला सुझाव देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की बेहतरीन कृषि उत्पादन नीतियों को जमीन पर उतारने का रोडमैप और मजबूत किया जाए। वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं में जो भी शानदार रिसर्च या शोध कर रहे हैं, सरकार की मदद से उसका लाभ ज़्यादा से ज़्यादा मिले। उन बेहतरीन खोजों को एक वैज्ञानिक नजरिए के साथ सीधे आम किसानों के खेतों तक पहुँचाया जाए, ताकि साधारण किसान भी सरकार के इन प्रयासों को आसानी से समझकर अपने काम में ला सके।
दूसरे सबसे अहम मुद्दे के रूप में उन्होंने जमीनी स्तर पर किसान संगठनों को खड़ा करने की बात कही। उनका मानना है कि सरकारी योजनाओं को हर किसान तक पहुँचाने के लिए प्रदेश के हर जिले में मजबूत ‘कृषक उत्पादक संगठन’ होने चाहिए। जब जिला स्तर पर किसानों के पास अपने मजबूत और सक्रिय संगठन होंगे, तभी वे एकजुट होकर अपनी फसलों का सही दाम पा सकेंगे और उन्हें एक बेहतर बाजार मिल सकेगा।
तीसरे सुझाव में उन्होंने जमीन पर जागरूकता अभियान चलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को आंदोलन बनाने के लिए गांव-गांव में कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और ग्रामीण युवाओं को ‘कृषि प्रबोधक’ यानी ट्रेनर के रूप में तैयार किया जाए। ये युवा प्रबोधक खुद जागरूक होने के साथ-साथ अपने आस-पास के दूसरे किसान भाइयों को भी प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

