न्यूज़ सोर्स हेल्प डेस्क
विक्टोरिया (सेशेल्स)/नई दिल्ली, 28 जून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंद महासागर क्षेत्र के द्वीपीय राष्ट्र सेशेल्स ने अपने सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान “गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन (Guardian of the Blue Horizon)” से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें समुद्री सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला, सतत विकास तथा भारत-सेशेल्स के बीच मित्रता और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया है जब प्रधानमंत्री मोदी 27 से 29 जून तक सेशेल्स की राजकीय यात्रा पर हैं। वे सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती (50वें राष्ट्रीय दिवस) समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, जो भविष्य में द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान ग्रहण करते हुए कहा कि यह पुरस्कार केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं है, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। उन्होंने यह सम्मान उन सभी देशों को समर्पित किया जो जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में गंभीरता से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पृथ्वी और महासागरों की सुरक्षा पूरे विश्व की साझा जिम्मेदारी है तथा भारत इस दिशा में निरंतर सहयोग करता रहेगा। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और सेशेल्स केवल दो मित्र राष्ट्र नहीं, बल्कि हिंद महासागर से जुड़े ऐसे साझेदार हैं जिनके संबंध विश्वास, सहयोग और साझा हितों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि हिंद महासागर दोनों देशों का साझा घर है और इसकी सुरक्षा, समृद्धि तथा स्थिरता सुनिश्चित करना दोनों देशों की संयुक्त जिम्मेदारी है। सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हरमिनी ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हुए कहा कि भारत ने कठिन समय में हमेशा सेशेल्स का साथ दिया है। उन्होंने कहा कि भारत समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत ढांचे तथा डिजिटल विकास के क्षेत्रों में सेशेल्स का विश्वसनीय साझेदार रहा है। इसी योगदान को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान से अलंकृत किया गया। प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत और सेशेल्स के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान, अंतरिक्ष अनुसंधान, शिक्षा, स्वास्थ्य, क्षमता निर्माण तथा आर्थिक सहयोग सहित अनेक क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौते किए गए। इन समझौतों से दोनों देशों के रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे। यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स को भारत में निर्मित तेज गति गश्ती पोत PS LESPWAR भी सौंपा। इस पोत के माध्यम से सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता मजबूत होगी तथा हिंद महासागर में समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। भारत लंबे समय से हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में भारत की “महासागर (MAHASAGAR)” दृष्टि का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत का उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में सभी देशों के साथ मिलकर सुरक्षा, सतत विकास, समुद्री संसाधनों के संरक्षण तथा आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की विदेश नीति सहयोग, साझेदारी और साझा विकास पर आधारित है। प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान सेशेल्स की राष्ट्रीय विधानसभा को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री भी बने। अपने ऐतिहासिक संबोधन में उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स अजनबी नहीं बल्कि पुराने मित्र हैं। दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और मानवीय संबंध कई दशकों पुराने हैं तथा भविष्य में यह साझेदारी और मजबूत होगी। सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस समारोह में भारतीय सेना का एक मार्चिंग दल भी शामिल हुआ। असम रेजीमेंट के जवानों ने परेड में भाग लेकर भारत और सेशेल्स की गहरी मित्रता तथा रक्षा सहयोग का प्रदर्शन किया। समारोह में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों की उपस्थिति ने भी दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती प्रदान की। विदेश नीति विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल एक औपचारिक राजकीय दौरा नहीं है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का प्रतीक भी है। सेशेल्स भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण देश है और समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग पूरे हिंद महासागर क्षेत्र की स्थिरता और सुरक्षा के लिए लाभकारी माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न देशों द्वारा लगातार सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किए जाने को भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा के रूप में देखा जा रहा है। सेशेल्स द्वारा दिया गया यह सम्मान भारत की विदेश नीति, समुद्री सहयोग, जलवायु नेतृत्व तथा वैश्विक साझेदारी के प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में भारत और सेशेल्स के बीच व्यापार, पर्यटन, ब्लू इकोनॉमी, समुद्री अनुसंधान, डिजिटल तकनीक और रक्षा सहयोग के क्षेत्रों में नए अवसर विकसित होंगे। इससे न केवल दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और सतत विकास को भी नई गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला “गार्डियन ऑफ द ब्लू होराइजन” सम्मान भारत की वैश्विक कूटनीतिक सफलता, पर्यावरण संरक्षण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता तथा हिंद महासागर क्षेत्र में उसकी बढ़ती नेतृत्वकारी भूमिका का महत्वपूर्ण प्रतीक बन गया है। यह सम्मान भारत-सेशेल्स संबंधों के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है।

