गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
बिल्हौर कानपुर नगर)।
कानपुर के बिल्हौर क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश का कहर इस कदर टूटा कि मंगलवार और बुधवार के बीच अलग-अलग स्थानों पर 11 मकान ढह गए। मकानों के गिरने से कई परिवार प्रभावित हुए हैं, हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
वहीं भीटी हवेली गांव में एक मकान की छत गिरने से मलबे में दबकर दंपती घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए तत्काल अस्पताल भेजा गया।
मलबे में दबा परिवार, समय रहते बची जान
भीटी हवेली निवासी रामशरण के कच्चे मकान में अचानक भारी बारिश के दौरान छत गिर गई। हादसे के समय परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। मकान की मिट्टी की दीवारें कमजोर होने के कारण अचानक भरभराकर गिर गईं।
हादसे के बाद रामशरण की करीब 35 वर्षीय बेटी दीपिका और उसका लगभग 30 वर्षीय पति दीपेंद्र मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद दोनों को मलबे से बाहर निकाला। दोनों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उनका उपचार किया।
मकान गिरने से बेघर हुए परिवार
भीटी हवेली निवासी रामशरण के कच्चे मकान में उसका परिवार लंबे समय से रह रहा था। लगातार बारिश के कारण मकान की मिट्टी की दीवारें कमजोर हो गईं और अचानक पूरा मकान भरभराकर गिर गया। समय रहते परिवार के लोग बाहर निकल गए, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
हादसे में मकान के अंदर रखा अनाज, कपड़े, चारपाई, बर्तन और अन्य घरेलू सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। पीड़ित परिवार के सामने अब सिर छिपाने के साथ-साथ रोजमर्रा की जरूरतों का भी संकट खड़ा हो गया है।
एक अन्य गांव में भी गिरे मकान
इसी तरह नानामऊ क्षेत्र के चौहिनपुरवा गांव में भी बारिश के चलते मकान गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। लगातार बारिश से कई कच्चे और जर्जर मकानों की दीवारें कमजोर हो गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जर्जर मकानों का सर्वे कराकर जरूरतमंद परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
जर्जर मकानों पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में कई कच्चे और जर्जर मकान लगातार हो रही बारिश के कारण गिरने की स्थिति में पहुंच गए हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने और जर्जर मकानों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग की है।
एसडीएम बिल्हौर का कहना है कि क्षेत्र में मकान गिरने के मामलों की जानकारी मिलते ही संबंधित राजस्व टीम को मौके पर भेजा जा रहा है। टीम द्वारा नुकसान का आकलन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

