सक्ती/शब्द मेल प्रभारी अवधेश टंडन।
2011 से फरार था आरोपी सुरेश दुबे, सक्ती पुलिस ने कोरबा से किया गिरफ्तार रिमांड में भेजा जेल
नौकरी लगाने के नाम पर 12 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को सक्ती पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी पिछले 11 साल से फरार चल रहा था। ग्राम सकर्रा निवासी डालेश्वर प्रसाद चंद्रा ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि सुरेश कुमार दुबे ने वर्ष 2011 में SECL गेवरा प्रोजेक्ट कोरबा में नौकरी लगाने के नाम पर उनसे व अन्य पीड़ितों से कुल 12 लाख रुपये लिए और नौकरी नहीं लगवाई। ठगी के 5 लाख 75 हजार रुपये से आरोपी ने बोलेरो वाहन खरीद लिया था, शिकायत की जांच के बाद 16 अगस्त 2022 को थाना सक्ती में आरोपी सुरेश कुमार दुबे के खिलाफ अपराध क्रमांक 245/2022 धारा 420 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल व एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैंकरा के मार्गदर्शन में आरोपी की तलाश जारी थी। साइबर सेल की मदद से सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव नुनेरा, थाना पाली जिला कोरबा आया हुआ है। इस पर पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। सुरेश कुमार दुबे पिता स्व. दुर्गा प्रसाद दुबे, उम्र 57 वर्ष, निवासी ग्राम नुनेरा भेलवाभांटा, थाना पाली, जिला कोरबा। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपी को 16 मई 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण राजपूत के मार्गदर्शन में उप निरीक्षक सीपी कंवर, साइबर सेल प्रभारी, प्रधान आरक्षक दामोदर जयसवाल, आरक्षक सेतराम पटेल, गोपाल साहू, शत्रुघन जांगड़े व महिला आरक्षक लक्ष्मीन सिदार की सराहनीय भूमिका रही।

