विशेष लेख: शब्द मेल समाचार
वर्ष 2026 भारतीय जनता पार्टी के लिए सुखद और यादगार दौर रहेगा क्योंकि वर्ष 2026 में पांडुचेरी ,तमिलनाडु केरला, पश्चिम बंगाल ,और असम में एक साथ चुनाव हुए जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने सर्वाधिक पश्चिम बंगाल को टारगेट किया चुकी पश्चिम बंगाल में हमेशा से ही त्रिमूल कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों का दबदबा रहा है ।पश्चिम बंगाल में विजय की फतेह होना असंभव ही नहीं बल्कि नामुमकिन जैसा था क्योंकि ममता बनर्जी की राजनीति की जड़ें काफ़ी भीतर तक समाई हुई थीं
ममता बनर्जी की एक चाही राजनीति ने पश्चिम बंगाल में एक तरफा सत्ता रही ममता बनर्जी मनमानी करतीं रहीं लेकिन भारत में राजनीति अपने ढंग से नहीं बल्कि संविधान से चलती है । आईए एक नजर पश्चिम बंगाल में ,भारतीय जनता पार्टी द्वारा राजनीतिक यात्रा पर नजर डालते है। भारतीय जनता पार्टी की स्थापना 1980 में हुई जिसके स्थापक श्री श्यामा प्रसाद मुखर्जी थे । भारतीय जनता पार्टी ने 1982 में विधानसभा के चुनाव में भाग लिया लेकिन उसे समय भारतीय जनता पार्टी छोटी थी इसलिए भारतीय जनता पार्टी का कोई प्रभाव नहीं पड़ा इसके बाद बस 1991 में फिर विधानसभा पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में दोबारा भाग लिया उसे समय विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बड़े स्तर पर अपने उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतरे परिणाम भारतीय जनता पार्टी कोई सीट हासिल ना कर सकी ,वर्ष 1996 के विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाई विधानसभा चुनाव 2001 – 2006 में उम्मीदवार फिर उतरे वर्ष 2011 ममता बनर्जी की पार्टी त्रिमूल कांग्रेस से सीधा मुकाबला हुआ यह वर्ष ममता बनर्जी की पश्चिम बंगाल पहला चुनाव लड़ीं जिसके सामने भारतीय जनता पार्टी शुन्य सीटों पर सिमट कर रह गई ,वर्ष 2016 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने मात्र 3 ही सीटें जीती वर्ष 2021 में भारतीय जनता पार्टी ने 77 सीटों पर अपनी बढ़त हासिल की और वर्ष 2026 का चुनावी दौड़ भारतीय जनता पार्टी को इतिहास ऐतिहासिक जीत का सुखद समय आया जब भारतीय जनता पार्टी ने त्रिमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी को भारी सिकत दी अब भारतीय जनता पार्टी उभर कर सामने आई भारतीय जनता पार्टी ने 2026 के चुनाव में 207 सीटें जीतकर अपनी ऐतिहासिक जीत दर्ज की इस ऐतिहासिक जीत ने भारतीय जनता पार्टी के पिछले कठिन दौर के ज़ख्मों पर एक मरहम का काम किया है। भारतीय जनता पार्टी की इस ए ऐतिहासिक जीत को 15 साल से सत्ता में रह रही ममता बनर्जी मानने को तैयार नहीं थी ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोपी नहीं लगाई बल्कि उन्हें गलत गलत भी ठहराया इस चुनाव के दरमियान चुनाव आयोग ने शांतिपूर्वक चुनाव कराने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया जो ममता बनर्जी को रास ना आया ममता बनर्जी ने सुरक्षा बलों पर ही टीएमसी के गुंडो द्वारा हमला करवाया गया पत्थर बाजी कराई यहां तक की ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा न देने का फैसला कर शाय़द वह भूल गई की राजनीति पार्टी के उपर भी कोई है वह राजपाल। पश्चिम बंगाल के राजपाल ने ममता बनर्जी को बर्खास्त कर राष्ट्रपति कानून लगा दिया और जीती पार्टी को सरकार बनाने का निदेश दिया। शायद पश्चिम बंगाल की आम जनता भी ममता बनर्जी की तानाशाही सरकार से दुखी थी पश्चिम बंगाल विकास को लेकर बेहद पीछे था वहां के युवा एक ऐसी सरकार का गठन चाहते थे जो वहां के युवाओं को रोजगार नौकरियां दे,और पश्चिम बंगाल को डेवलपमेंट कर सके पश्चिम बंगाल की आम जनता को भारतीय जनता पार्टी पर भरोसा था इसलिए बाकी आम जनता ने भारतीय जनता पार्टी का खुलकर समर्थन किया जिसका परिणाम स्वरुप ममता बनर्जी की सरकार को उखाड़ फेंका और सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी को अपनी सरकार बनाने में समर्थन दिया जिसके फल स्वरुप वर्ष 2026 के 9 तारीख को कोलकाता में सुवेदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद ग्रहण की साथ ही अन्य मंत्रियों को भी पद और गोपनीयता की शपथ समारोह में शपथ ग्रहण की। भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद मौजूदा सरकार को किन-किन हालातो का सामना करना पड़ेगा क्या ममता बनर्जी अंदरूनी तौर पर कांग्रेस के कार्यों में दखलअंदाजी करेगी या आने वाले विधानसभा चुनाव में अपनी पारी का फिर से इंतजार करेगी

