विवेक कुमार संवाददाता शब्द मिल समाचार ककवन कानपुर नगर
ककवन गहदेवा गांव में चल रही सप्त दिवशी संगीत में श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिन वृंदावन धाम से पधारे आचार्य श्री नारायण कृष्ण दीक्षित जी महाराज ने उपस्थित श्रोताओं को श्रीमद् भागवत कथा का महत्व बताते हुए बताया कि व्यक्ति के जीवन में परमात्मा की सत्ता सर्वोच्च है बस विश्वास करने की बात है आज की कथा में किस प्रकार से भगवान कृष्ण ने भीम को संकेत करके जरासंध का वध कराया और जेल में बंद राजाओं को मुक्त कराया
कल ऐसे और सुनी सुनाई बातों से परिवारों में विघटन हो जाता है यही बात महाभारत रहती है बताया की परिवार का संगठन त्याग करने में है अधिकार करने में नहीं कृष्ण और सुदामा की मित्रता का बड़ा ही सुंदर वर्णन करते हुए किस प्रकार से एक साधन संपन्न मित्र द्वारा अपने दूसरे मित्र जो साधनहीन है सुदामा जी किस प्रकार से उनकी मदद की गई यही बात आज के परिपेक्ष में प्रासंगिक है आज के समय में अगर कृष्ण जैसा मित्र मिल जाए तो जीवन सफल है इसके बाद परीक्षित उद्धार की कथा श्रवण कराई कथा श्रवण करने के लिए प्रतिदिन की अपेक्षा अपार जनमानस ने बड़ी श्रद्धा भक्ति के साथ में भक्ति भाव के साथ में श्रवण पान किया
परीक्षित के रूप में समाज सेवी सुरजन सिंह चौहान और उनकी धर्मपत्नी देवी ने भक्ति भाव के साथ में व्यास पूजन और व्यास पीठ का सम्मान किया आयोजक के रूप मेंआशाराम. चौहान. चंद्रभान विकास जी इत्यादि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे सहयोग सभी ग्राम वासियों का संयुक्त रूप से रहा अंत में आयोजकों ने आए हुए श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया

