आलोक अवस्थी उत्तर प्रदेश प्रभारी शब्द मेल समाचार
उत्तर प्रदेश।कानपुर नगर। स्मार्ट सिटी और विकास के बड़े-बड़े मंचों से नेताओं के भाषणों में भले ही विकास की ऐसी ‘नहरें’ बहती दिखती हों जैसे कानपुर को ‘ताजमहल’ से भी खूबसूरत बना दिया गया हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट और बेहद खौफनाक है। ताजा और हैरान करने वाला मामला कर्नलगंज के बाज़िरिया क्षेत्र का है, जहाँ एक बिजली का भारी-भरकम ट्रांसफार्मर पूरी तरह से जमीन पर गिरा पड़ा है और उसकी सुरक्षा के लिए बनी दीवारें पूरी तरह ढह (लूट) चुकी हैं।
घनी आबादी और पार्क के पास ‘मौत का जाल
‘यह पूरा इलाका बेहद घनी आबादी वाला क्षेत्र है। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इस गिरे हुए ट्रांसफार्मर के ठीक पीछे एक सार्वजनिक पार्क है। इस रास्ते से स्थानीय निवासियों, महिलाओं और छोटे बच्चों का लगातार आना-जाना लगा रहता है। वर्तमान में बारिश का मौसम चल रहा है, जिससे हर तरफ जलभराव और नमी का माहौल है। ऐसे में जमीन पर खुले पड़े इस ट्रांसफार्मर से कभी भी पूरे इलाके में करंट दौड़ सकता है, जो किसी बड़े मानवीय हादसे को न्योता दे रहा है।
पहले भी करंट से मर चुकी है बकरीस्
थानीय लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि बिजली विभाग की इस घोर लापरवाही के चलते पूर्व में यहाँ करंट की चपेट में आने से एक बकरी के बच्चे (मेमने) की मौत भी हो चुकी है। इस घटना के बाद भी बिजली विभाग और स्थानीय प्रशासन की नींद नहीं टूटी है। लोग आज भी डर के साए में अपनी जान हथेली पर रखकर इस रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं।
पार्षद और 1 विधायक… फिर भी जनता बेहाल!
हैरानी की बात यह है कि इस समस्या से घिरे क्षेत्र की सीमा कुल तीन पार्षदों के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आती है, जिसमें वार्ड 110, वार्ड 03, और वार्ड 97 शामिल हैं। इसके साथ ही इस क्षेत्र की कमान सीसामऊ विधानसभा से समाजवादी पार्टी की विधायक नसीम सोलंकी के हाथों में है। चुनाव के समय जनता के बीच आकर बड़े-बड़े वादे करने वाले ये तमाम जनप्रतिनिधि और नेता यहाँ लगातार आते-जाते रहते हैं। लेकिन इस जानलेवा पड़े ट्रांसफार्मर को ठीक कराने की सुध आज तक किसी ने नहीं ली।
जनता का बढ़ता आक्रोश
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि मंचों पर खड़े होकर विकास का ढिंढोरा पीटने वाले राजनेताओं का असली चेहरा कर्नलगंज बाज़िरिया में आकर देखा जा सकता है। कागजों और भाषणों का विकास जमीन पर आकर दम तोड़ चुका है। निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस बारिश के मौसम में इस खुले ट्रांसफार्मर की वजह से किसी व्यक्ति या बच्चे के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय पार्षदों, क्षेत्रीय विधायक और केस्को (KESCO) प्रशासन की होगी।

