आलोक अवस्थी उत्तर प्रदेश प्रभारी शब्द मेल समाचार
15 किसानों को खेत तालाब निर्माण की मंजूरी, भूमि एवं जल संरक्षण योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने के निर्देश
कानपुर नगर। किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए खेत तालाबों के बहुउद्देशीय उपयोग पर जोर देते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने किसानों से खेत तालाबों में मत्स्य पालन के साथ मोती की खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और कृषि को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाया जा सकेगा।
बुधवार को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला भूमि एवं जल संरक्षण समिति, जिला मिशन समिति तथा डब्ल्यूसीडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0 समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वर्ष 2025-26 के कार्यों की समीक्षा के साथ वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया गया।
भूमि संरक्षण अधिकारी शैलेन्द्र कुमार ने विभिन्न योजनाओं के तहत वर्ष 2025-26 में कराए गए कार्यों, गत बैठक के निर्देशों के अनुपालन तथा आगामी वित्तीय वर्ष की प्रस्तावित कार्ययोजना एवं भौतिक- वित्तीय लक्ष्यों का प्रस्तुतीकरण किया। कार्यों की समीक्षा के बाद समिति ने वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों को मंजूरी प्रदान की।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि एवं जल संरक्षण योजनाओं के लाभार्थी किसानों को अन्य विभागीय योजनाओं से जोड़ते हुए प्रभावी कन्वर्जेन्स सुनिश्चित किया जाए। सभी परियोजनाओं का शासनादेशों एवं विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समय-सीमा में क्रियान्वयन कराया जाए।
बैठक में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2026-27 में 15 खेत तालाबों के निर्माण के लिए चयनित लाभार्थी किसानों का अनुमोदन किया गया। प्रत्येक खेत तालाब का मानक आकार 22×20×3 मीटर निर्धारित है। प्रति तालाब 1.05 लाख रुपये की लागत पर 50 प्रतिशत अथवा अधिकतम 52,500 रुपये तक अनुदान का प्रावधान है।
इसके अलावा पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के तहत छह परियोजनाओं, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (एसएडीपी) के तहत दो परियोजनाओं तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरएडी) के अंतर्गत प्रस्तावित परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई। डब्ल्यूसीडीसी-पीएमकेएसवाई 2.0 के तहत वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना को भी समिति ने मंजूरी प्रदान की।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के प्रत्येक विकासखंड से कम से कम दो-दो किसानों को एसएडीपी योजना के तहत ऊसर भूमि सुधार का लाभ दिया जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर अधिकाधिक किसानों को लाभान्वित करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सहायक अभियंता लघु सिंचाई सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रगतिशील किसान दयाशंकर सचान, देवेंद्र वर्मा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी बैठक में सहभागिता की।

