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अनवरगंज-मंधना एलीवेटेड ट्रैक निर्माण को मिली रफ्तार, जुलाई से बंद होगा रेलमार्ग; 1100 करोड़ की परियोजना से बदलेगी शहर की तस्वीर
कानपुर से फर्रुखाबाद के बीच रेल यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी और अहम खबर सामने आई है। शहर के बहुप्रतीक्षित अनवरगंज-मंधना एलीवेटेड रेलवे ट्रैक परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए रेलवे प्रशासन ने कानपुर-फर्रुखाबाद रेलमार्ग को आगामी जुलाई माह से लगभग दो वर्षों तक बंद करने का निर्णय लिया है। रेलवे बोर्ड को इसके लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है और जून के अंत तक आधिकारिक अधिसूचना जारी होने की संभावना जताई जा रही है।
करीब 1100 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली यह महत्वाकांक्षी परियोजना कानपुर शहर के यातायात ढांचे को नई दिशा देगी। एलीवेटेड ट्रैक बनने से शहर के कई रेलवे क्रॉसिंग समाप्त हो जाएंगे, जिससे घंटों लगने वाले जाम और ट्रैफिक की समस्या से आम जनता को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे बोर्ड को भेजा गया ब्लॉक प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, निर्माण कार्य को निर्बाध रूप से पूरा करने के लिए रेलवे अधिकारियों ने आवश्यक ‘ब्लॉक’ की मांग करते हुए रेलवे बोर्ड को पत्र भेज दिया है। कार्यदायी संस्था ‘रवि इंफ्राबिल्ड प्रोजेक्ट्स लिमिटेड’ (आरआईपीएल) ने पुराने रेलवे ट्रैक और आसपास के क्षेत्रों में सर्वे का कार्य शुरू कर दिया है। परियोजना के लिए स्वीकृत बजट की लगभग 50 प्रतिशत धनराशि भी केंद्रीय वित्त मंत्रालय द्वारा जारी कर दी गई है, जिससे निर्माण कार्य में तेजी आने लगी है।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि जुलाई से ट्रैक उखाड़ने और एलीवेटेड ढांचे के निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान फर्रुखाबाद रूट की कई ट्रेनों को रद्द या डायवर्ट किया जा सकता है, जिससे यात्रियों को अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
रावतपुर और कल्याणपुर स्टेशन होंगे समाप्त
इस परियोजना का सबसे बड़ा बदलाव रावतपुर और कल्याणपुर रेलवे स्टेशनों के स्वरूप में देखने को मिलेगा। एलीवेटेड ट्रैक निर्माण के बाद दोनों स्टेशन समाप्त कर दिए जाएंगे और उनकी जगह दलहन अनुसंधान केंद्र के निकट अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त नया “अटल बिहारी रेलवे स्टेशन” बनाया जाएगा।
नया स्टेशन आधुनिक तकनीक, बेहतर यात्री सुविधाओं, पार्किंग, लिफ्ट, एस्केलेटर और विस्तृत प्लेटफॉर्म जैसी सुविधाओं से लैस होगा। रेलवे इसे भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित करने की तैयारी कर रहा है।
भूमि सीमांकन की प्रक्रिया शुरू
पूर्वोत्तर रेलवे के वरिष्ठ अनुभाग अभियंता अभिषेक यादव के अनुसार, “सवा महीने के भीतर एलीवेटेड रेलवे ट्रैक और लगभग एक माह में अटल स्टेशन के निर्माण कार्य में तेजी देखने को मिलेगी। नए स्टेशन के लिए भूमि सीमांकन प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है।”
रेलवे प्रशासन का मानना है कि यह परियोजना न केवल यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगी बल्कि शहर के विकास को भी नई गति देगी। वर्षों से जाम की समस्या झेल रहे लोगों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें, लेकिन भविष्य होगा बेहतर
रेलमार्ग बंद होने से दैनिक यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारियों को कुछ समय तक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह अस्थायी परेशानी भविष्य में बेहतर और आधुनिक रेल सुविधाओं का मार्ग प्रशस्त करेगी।
कानपुर शहर के लिए यह परियोजना किसी बड़े बदलाव से कम नहीं मानी जा रही है। एलीवेटेड ट्रैक बनने के बाद शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक सुधार होने की संभावना जताई जा रही है।

