गगनेश तिवारी ब्यूरो शब्द मेल समाचार बिल्हौर कानपुर नगर
शिवराजपुर। थाना शिवराजपुर क्षेत्र में करीब आठ वर्ष पुराने दहेज हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत प्रभावी पैरवी के बाद आया है।
जानकारी के अनुसार, कस्बा निवासी कबीर अहमद के पुत्र शमशाद का निकाह करीब 12 वर्ष पूर्व रहमान से हुआ था। संतान न होने के कारण उसने अपनी पत्नी को तलाक देकर उसकी बहन सबा से निकाह कर लिया था। आरोप था कि शमशाद अपनी जिम्मेदारियों में रुचि नहीं लेता था और आर्थिक तंगी के चलते अपनी पत्नी सबा पर मायके से रुपये लाने का दबाव बनाता था। मना करने पर वह उसके साथ मारपीट करता था। एक दिन गंभीर मारपीट के दौरान सबा की मौत हो गई।
मामले में शमशाद पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप लगा था। करीब चार माह पूर्व आरोपी ने अपने भाई फारुख से विवाद के दौरान पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी थी, जिसके आरोप में वह जेल में बंद था। इसी दौरान जमानत पर बाहर आने के बाद पत्नी की हत्या के मामले में उसे सजा सुनाई गई।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि पर्यवेक्षण में गुणवत्तापूर्ण विवेचना और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप न्यायालय ने अभियुक्त को दोषसिद्ध किया है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश, कानपुर देहात ने अभियुक्त को दहेज के लिए प्रताड़ित करने और मारपीट कर हत्या करने का दोषी पाया।
न्यायालय ने अभियुक्त को धारा 304बी भादवि के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 498ए भादवि के तहत दो वर्ष का सश्रम कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के तहत दो वर्ष का कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष की ओर से डॉ. विजय सिंह, संदीप कटियार (एडीजीसी), हेड कांस्टेबल मोहित कुमार (कोर्ट मोहर्रिर), और हेड कांस्टेबल सुनील कुमार (पैरोकार) की प्रभावी पैरवी एवं साक्ष्य संकलन के चलते आरोपी को दोषी करार दिया गया

