जांजगीर-चांपा/सक्ती/शब्द मेल प्रभारी अवधेश टंडन।
ग्राम करही में 23-24 अप्रैल 2026 की रात हुए आयुष कश्यप हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता गणपत बघेल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जांजगीर-चांपा पुलिस ने “ऑपरेशन हंट” के तहत यह बड़ी कार्रवाई की। आरोपी को 27 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, गणपत बघेल ने अपने साथियों के साथ मिलकर उधारी के विवाद, व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा और आयुष कश्यप की बढ़ती आर्थिक प्रगति से उपजी जलन के चलते हत्या की साजिश रची थी।
कैसे हुआ था हत्याकांड
पुलिस विज्ञप्ति के मुताबिक, 23-24 अप्रैल की दरम्यानी रात 3 नकाबपोश बदमाशों ने करही में आयुष कश्यप के घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इसमें आयुष की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि बीच-बचाव करने आए छोटे भाई को गोली लगने से गंभीर चोट आई थी। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गए थे।
घटना के बाद पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी और साइबर साक्ष्य जुटाए। TECHINT और HUMINT की मदद से जांच को आगे बढ़ाया गया। इसी आधार पर पहले हेमंत कुमार बघेल, भूषण बघेल और अमित टंडन को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है।
क्या बोला मुख्य आरोपी
पूछताछ में गणपत बघेल ने बताया कि उसने हाईवा और जेसीबी लोन पर लेकर अवैध रेत परिवहन का काम शुरू किया था। मृतक आयुष कश्यप भी इसी कारोबार में था और कम दाम पर रेत बेचकर गणपत के ग्राहकों को तोड़ रहा था। इससे उसे भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था और वाहन की किस्त चुकाने में परेशानी आ रही थी।
आरोपी ने बताया कि आयुष रेत घाट में जबरन लोडिंग करता था, विवाद करता था और राजस्व विभाग की टीम बुलाकर वाहनों को पकड़वाने की धमकी देता था। इसी रंजिश में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई। वारदात की रात पहले घर के आसपास निगरानी की गई, फिर सीसीटीवी तोड़कर घर में घुसकर घटना को अंजाम दिया गया।
गणपत बघेल के पास से हत्या में इस्तेमाल एक पिस्टल और मैगजीन भी बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

