दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, राजस्थान समेत कई राज्यों में तेज बारिश की संभावना, लोगों से सतर्क रहने की अपील
नई दिल्ली | शब्द मेल समाचार
देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। लगातार हो रही बारिश के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से अति भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी, मध्य, उत्तरी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में जिला अधिकारियों, आपदा प्रबंधन दलों और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा, पश्चिम बंगाल तथा पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 48 से 72 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। कई जिलों में ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है।
मध्यप्रदेश में भारी वर्षा की चेतावनी
मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल और ग्वालियर संभाग के अनेक जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
महाराष्ट्र में सबसे अधिक प्रभाव
महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, रायगढ़, ठाणे, पालघर और कोंकण क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर भूस्खलन की घटना के बाद प्रशासन ने पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष निगरानी बढ़ा दी है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हुआ है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। चारधाम यात्रा मार्गों पर भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर मलबा हटाने के लिए मशीनें तैनात की गई हैं तथा यात्रियों से मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की गई है।
दिल्ली-एनसीआर में भी बदलेगा मौसम
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में भी अगले दो दिनों तक गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को उमस से राहत मिलेगी।
नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर
भारी वर्षा के कारण कई राज्यों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में नर्मदा, ताप्ती, बेतवा और चंबल नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। उत्तर प्रदेश और बिहार में गंगा तथा उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है।
किसानों के लिए राहत
विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर हुई मानसूनी वर्षा खरीफ फसलों के लिए लाभदायक साबित होगी। धान, सोयाबीन, मक्का, कपास और दलहनी फसलों की बुवाई में तेजी आएगी। हालांकि अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव से फसलों को नुकसान भी हो सकता है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ तैनात
संभावित आपदा को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को संवेदनशील जिलों में तैनात किया गया है। जिला प्रशासन को राहत शिविर, नाव, मेडिकल टीम और बचाव उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि—
- अनावश्यक यात्रा से बचें।
- नदी, नाले और जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं।
- बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में खड़े न रहें।
- मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।
- आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
सरकार की तैयारियां
केंद्र और राज्य सरकारें लगातार स्थिति की निगरानी कर रही हैं। मुख्यमंत्री और जिला कलेक्टरों को संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को तत्पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
निष्कर्ष
देशभर में सक्रिय मानसून के चलते अगले कुछ दिन चुनौतीपूर्ण रह सकते हैं। जहां एक ओर यह बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं दूसरी ओर बाढ़, जलभराव और भूस्खलन जैसी घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक मौसम अपडेट पर भरोसा करने की अपील की है। प्रशासन भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।

