पश्चिम बंगाल में इन दिनों राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज़ हो गई हैं। राज्य में नई सरकार बनने के बाद कई बड़े फैसले लिए जा रहे हैं, जिनका असर आम जनता से लेकर विकास कार्यों तक दिखाई देने लगा है। हाल ही में राज्य सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए 24 घंटे चलने वाली नई हेल्पलाइन सेवा शुरू करने की घोषणा की है। इस हेल्पलाइन के जरिए महिलाओं को आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता मिल सकेगी। साथ ही राज्य के हर उप-विभाग में महिला थाना खोलने की तैयारी भी की जा रही है। इसी बीच पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के सात महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और NHIDCL को सौंपने का फैसला लिया है। इससे उत्तर बंगाल और सीमावर्ती इलाकों में सड़क संपर्क मजबूत होगा और व्यापार तथा पर्यटन को भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, सिलिगुड़ी और भूटान सीमा से जुड़े मार्गों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बांग्लादेश सीमा से लगे उत्तर 24 परगना जिले में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। सीमा पर अवैध घुसपैठ रोकने के लिए फेंसिंग का काम तेज़ी से चल रहा है। प्रशासन और BSF संयुक्त रूप से संवेदनशील इलाकों की निगरानी कर रहे हैं। हालांकि कुछ किसानों ने जमीन अधिग्रहण को लेकर चिंता भी जताई है।
राजनीतिक मोर्चे पर भी पश्चिम बंगाल लगातार चर्चा में बना हुआ है। नई सरकार के गठन के बाद विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। राज्य में विकास, कानून व्यवस्था और रोजगार को लेकर कई बड़े वादे किए जा रहे हैं। वहीं कोलकाता समेत कई जिलों में मेट्रो और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को गति देने की तैयारी चल रही है। सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच भी इन बदलावों को लेकर काफी चर्चा देखने को मिल रही है।
मौसम विभाग ने भी पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश और आं

